नई दिल्ली: शुक्ल पक्ष की एकादशी को पद्मिनी एकादशी के रूप में मनाई जाती है. इसे कमला एकादशी के रूप में भी जाना जाता है. इस साल पद्मिनी एकादशी 27 सितंबर यानी रविवार को मनाई जाएगी. इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करने का विधान है. तीन सालों में एक बार लगने वाले पुरुषोत्तम मास में पड़ने वाली एकादशी को पद्मिनी एकादशी कहते हैं. पुरुषोत्तम मास भगवान विष्णु की आराधना का माह माना जाता है. ऐसी मान्यता है कि, पद्मिनी एकादशी का व्रत करने वाले श्रद्धालुओं को सालभर की सभी एकादशी व्रतों के बराबर फल मिल जाता है साथ ही व्रती को विष्णु लोक की प्राप्ति होती है. Also Read - Padmini Ekadashi 2020: आज है पद्मिनी एकादशी, धन और खुशहाली के लिए करें भगवान विष्णु की पूजा

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त्रेयायुग में महिष्मती पुरी के राजा थे कृतवीर्य. वे हैहय नामक राजा के वंश थे. कृतवीर्य की एक हजार ​पत्नियां थीं, लेकिन उनमें से किसी से भी कोई संतान न थी. उनके बाद महिष्मती पुरी का शासन संभालने वाला कोई न था. इसको लेकर राजा परेशान थे. उन्होंने हर प्रकार के उपाय कर लिए लेकिन कोई लाभ नहीं हुआ. इसके बाद राजा कृतवीर्य ने तपस्या करने का निर्णय लिया. उनके साथ उनकी एक पत्नी पद्मिनी भी वन जाने के लिए तैयार हो गईं. राजा ने अपना पदभार मंत्री को सौंप दिया और योगी का वेश धारण कर पत्नी पद्मिनी के साथ गंधमान पर्वत पर तप करने निकल पड़े.

कहा जाता है कि पद्मिनी और कृतवीर्य ने 10 हजार साल तक तप किया, फिर भी पुत्र रत्न की प्राप्ति नहीं हुई. इसी बीच अनुसूया ने पद्मिनी से मलमास के बारे में बताया. उसने कहा कि मलमास 32 माह के बाद आता है और सभी मासों में महत्वपूर्ण माना जाता है. उसमें शुक्ल पक्ष की एकादशी का व्रत करने से तुम्हारी मनोकामना अवश्य पूर्ण होगी. श्रीहरि विष्णु प्रसन्न होकर तुम्हें पुत्र रत्न अवश्य देंगे. पद्मिनी ने मलमास के शुक्ल पक्ष की एकादशी का व्रत विधि विधान से किया. इससे प्रसन्न होकर भगवान विष्णु ने उसे पुत्र प्राप्ति का आशीर्वाद दिया. उस आशीर्वाद के कारण पद्मिनी के घर एक बालक का जन्म हुआ, जिसका नाम कार्तवीर्य रखा गया. पूरे संसार में उनके जितना बलवान कोई न था.

पद्मिनी एकादशी शुभ मुहूर्त
एकादशी तिथि प्रारम्भ – सितम्बर 26, 2020 को 06:59 पी एम बजे
एकादशी तिथि समाप्त – सितम्बर 27, 2020 को 07:46 पी एम बजे
पद्मिनी एकादशी पारण मुहूर्त: 06:10:41 से 08:26:09 तक