Panchak 2021: इस साल महाशिवरात्रि (Mahashivratri 2021) का पर्व 11 मार्च को यानी गुरुवार के दिन रखा जाएगा. महाशिवरात्रि का पर्व फाल्गुन माह की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है. इस दिन भगवान शिव की पूजा की जाती है. इसी के साथ ही इस बार महाशिवरात्रि पर पंचक भी लगने जा रहे हैं. Also Read - Mahashivratri 2021: अमर हैं महादेव और हर मृत्यु में मरते भी वही हैं, जानें कौन हैं शिव? कैसा है उनका आकार

कब से कब तक लगेगा पंचक
हिंदू पंचांग के मुताबिक, पंचक 11 मार्च को सुबह 9 बजकर 21 मिनट से शुरू होकर 16 मार्च की सुबह 4 बजकर 44 मिनट तक रहेगा. Also Read - Mahashivratri 2021: कौन हैं महादेव, कैसे दिखते हैं भोलेनाथ? यहां जानें शिव से जुड़े सभी सवालों के जवाब

पंचक के दौरान इन बातों का रखें खास ख्याल Also Read - Mahashivratri 2021 Lord Shiva Sand Art: मुंबई के जुहू बीच में सैंड आर्टिस्ट ने बनाई भगवान शिव की मनमोहक प्रतिमा, देखते रह गए लोग

– पंचक में दक्षिण दिशा की ओर यात्रा नहीं करनी चाहिए. इससे आपको हानि उठानी पड़ सकती है.

– पंचक के दौरान घनिष्ठ नक्षत्र में घास, लकड़ी, ईंधन को इकट्ठा नहीं करना चाहिए. इससे आग लगने का डर रहता है.

– पंचक के दौरान घर की चारपाई नहीं बनानी चाहिए. माना जाता है कि इससे बढ़ा संकट आता है.

– पंचक के दौरान रेवती नक्षत्र में घर की छत नहीं बनानी चाहिए. इससे धन की हानि और गृह कलेश बढ़ते हैं.

पंचक के शुभ नक्षत्र

ऐसा नहीं है कि पंचक में आने वाले नक्षत्रों में सिर्फ अशुभ ही होता है. यदि पंचक में कुछ विशेष शुभ योगों का संयोग हो तो शुभ कार्य भी किए जाते हैं. पंचक में आने वाला उत्तराभाद्रपद नक्षत्र वार के साथ मिलकर सर्वार्थसिद्धि योग बनाता है, वहीं धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वा भाद्रपद व रेवती नक्षत्र यात्रा, व्यापार, मुंडन आदि शुभ कार्यों में श्रेष्ठ माने गए हैं.