पापांकुश एकादशी व्रत 2018: सभी व्रतों में एकादशी व्रत को सर्वश्रेष्ठ माना गया है. एकादशी का व्रत ना केवल ग्रह गोचर को सुधारता है, बल्कि एकादशी व्रत करने से व्यक्ति का मन और तन दोनों स्वस्थ हो जाते हैं. ऐसी मान्यता है कि एकादशी व्रत करने वाले व्यक्ति के ऊपर कमजोर चंद्रमा का प्रभाव नहीं होता. इस बार पापांकुश एकादशी व्रत 20 अक्टूबर 2018 को है. Also Read - Papankusha Ekadashi 2019: पापांकुशा एकादशी पारण विधि व मुहूर्त...

Also Read - Papankusha Ekadashi 2019: पापांकुशा एकादशी महत्‍व, व्रत विधि, व्रत कथा, शुभ मुहूर्त

इस महीने में एकादशी व्रत दो बार आता है. एक बार शुक्ल पक्ष में और एक बार कृष्ण पक्ष में. अश्विन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को पापांकुश एकादशी व्रत कहा जाता है.

Karwa Chauth 2018 Date and Time: करवा चौथ कब, जानिये पूजन का शुभ मुहूर्त, चंद्रोदय का समय

पापांकुश एकादशी का महत्व

भगवान श्रीकृष्ण ने युधिष्ठिर को इसका महत्व बताते हुए कहा था कि यह एकादशी सभी पापों को नाश करने वाली है. इस दिन पद्मनाभ भगवान की पूजा की जाती है. यह भगवान विष्णु के ही एक रूप हैं. पापरूपी हाथी को इस व्रत के पुण्यरूपी अंकुश से वेधने के कारण ही इसका नाम ‘पापांकुशा एकादशी’ हुआ है. इस दिन मौन रहकर भगवद स्मरण तथा भोजन का विधान है. इस प्रकार भगवान की अराधना करने से मन शुद्ध होता है तथा व्यक्ति में सद्-गुणों का समावेश होता है.

October 2018 Festivals: अक्टूबर में आ रहे हैं कई बड़े त्यौहार, देखें यहां पूरी लिस्ट

पापांकुशा एकादशी व्रत एंव पूजन विधि

– सुबह-सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें और भगवान पद्मनाभ का पूजन करें

– माथे पर सफ़ेद चन्दन लगाएं और पंचामृत, पुष्प और फल चढ़ाएं.

– इस व्रत में आप शाम को आहार ग्रहण कर सकते हैं. भोजन करने से पूर्व भगवान आरती व पूजन जरूर कर लें.

– एकादशी के दिन चावल का सेवन नहीं किया जाता और इस दिन क्रोध न करें, कम बोलें और व्यवहार नियंत्रित करें.

धर्म से जुड़ी अन्य खबरों को पढ़ने के लिए धर्म पर क्लिक करें.