पापांकुशा एकादशी (Papankusha Ekadashi) कल मनाई जाएगी, आश्विन शुक्ल पक्ष की ये एकादशी कल्याण करने वाली है. इस दिन भगवान विष्णु की पूजा और व्रत करने से जीवन में वैभव की प्राप्ति होती है. साथ ही मनचाही इच्छाओं की पूर्ति और घर में पैसों की बढ़ोतरी होती है. इस बार एकादशी 26 अक्टूबर को सुबह 9 बजे लग रही है, इसलिए 27 अक्टूबर को ही एकादशी व्रत रखा जाएगा. व्रत का पारण अगले दिन 28 अक्टूबर को होगा, इस एकादशी का व्रत रखने से पापों से मुक्ति मिलती है.Also Read - Dev Uthani Ekadashi 2021 Upay: 14 नवंबर को निद्रा से जागेंगे भगवान विष्णु, इस दिन करें ये उपाय, मिलेगा खास आशीर्वाद

हिंदू धर्म में पड़ने वाली कई एकादशी तिथियों में पापांकुशा एकादशी का काफी महत्व माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जो भक्त आज सच्चे ह्रदय से भगवान विष्णु की आराधना करेंगे उनके समस्त पापों का नाश होगा.पापांकुशा एकादशी में भक्त भगवान विष्णु के स्वरुप भगवान पद्मनाभ की पूजा अर्चना करेंगे. आइए जानते हैं पापांकुशा एकादशी का शुभ मुहूर्त और महत्व. Also Read - Thursday Ke Upay: पैसों की तंगी से जूझ रहे हैं तो गुरुवार के दिन जरूर करें ये 5 उपाय

पापांकुशा एकादशी का महत्व
शास्त्रों में माना जाता है की पाप रुपी हाथी को पुण्य रुपी अंकुश से भेटने के कारण ही इसे पापांकुशा एकागशी के नाम से जाना जाता है. श्रीकृष्ण के अनुसार जो व्यक्ति पाप करता है, ये व्रत करने से उसे पापों से मुक्ति मिल जाती है. Also Read - Nirjala Ekadashi 2021 Imporant Things: पहली बार रखने जा रही हैं निर्जला एकादशी का व्रत? जानें ये 10 प्रमुख बातें

पापांकुशा पूजन विधि
सबसे पहले सुबह उठकर नहां ले और इसके बाद भगवान विष्णु का ध्यान करते हुए विधि-विधान से पूजा करें. सबसे पहले घर में या मंदिर में भगवान विष्णु से विधि- विधान से पूजा करें. सबसे पहले घर में या मंदिर में भगवान विष्णु व लक्ष्मीजी की मूर्ति को चौकी पर स्थापित करें. इसके बाद गंगाजल पीकर शुद्ध करें और फिर रक्षासूत्र बांधे. इसके बाद शुद्ध घी से दीपक जलाकर शंख और घंटी बजाकर पूजन करें और संकल्प करें, इसके बाद विधिपूर्वक प्रभु का पूजन करें औऱ दिन भर उपवास करें.

एकादशी तिथि कब से कब तक
एकादशी तिथि प्रारंभ: 26 अक्तूबर 2020 सुबह 09:00 बजे
एकादशी तिथि समाप्त: 27 अक्तूबर 2020 सुबह 10:46 बजे
व्रत पारण 28 अक्तूबर 2020 : सुबह 08:44 बजे तक