Parivartini Ekadashi 2019: परिवर्तिनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु के वामन अवतार की पूजा की जाती है. इस बार 9 सितंबर, सोमवार को ये एकादशी व्रत है. इस व्रत में पारण की विधि का भी काफी महत्‍व है. Also Read - Parivartini Ekadashi 2020: परिवर्तिनी एकादशी आज इस बार बन रहा है खास संयोग, जानें शुभ मुहूर्त

क्‍या होता है पारण
एकादशी व्रत को समाप्त करने को पारण कहते हैं. एकादशी व्रत के अगले दिन सूर्योदय के बाद यानी द्वादशी ति‍थि को पारण किया जाता है. Also Read - Parivartini Ekadashi 2020 Date & Time: परिवर्तिनी एकादशी पर ऐसे करें भगवान विष्णु की पूजा, जानें इसका महत्व

कब करें पारण
एकादशी व्रत का पारण द्वादशी ति‍थि को हरि वासर के दौरान नहीं करना चाहिए. जो श्रद्धालु व्रत कर रहे हैं उन्हें व्रत तोड़ने से पहले हरि वासर समाप्त होने की प्रतीक्षा करनी चाहिए. हरि वासर द्वादशी तिथि की पहली एक चौथाई अवधि को कहते हैं. Also Read - परिवर्तिनी एकादशी 2019: पढ़ें व्रत कथा, भगवान विष्‍णु के वामन अवतार से ये है संबंध...

परिवर्तिनी एकादशी 2019: पढ़ें व्रत कथा, भगवान विष्‍णु के वामन अवतार से ये है संबंध…

एकादशी व्रत पारण मुहूर्त
पार्श्व एकादशी पारण मुहूर्त: सुबह 07:05 से 08:33 तक (10 सितंबर)
अवधि: 1 घंटे 27 मिनट
हरि वासर समाप्त होने का समय: 07:05 बजे (10 सितंबर)

पारण विधि
द्वादशी तिथि को स्‍नान के बाद भगवान विष्‍णु का ध्‍यान करें. इस दिन ब्राह्मण को पहले भोजन कराना चाहिए. जो ऐसा करने में असमर्थ हों, तो ब्राह्मण भोजन के निमित्त कच्चा सामान (सीधा) मंदिर में दान करें. याद रखें कि हरि वासर में पारण करना निषेध माना गया है. इसके पश्‍चात अन्‍न ग्रहण करें.