Paush Amavasya 2025: कब है पौष अमावस्या? नोट करें सही तारीख और जानें स्नान-दान का शुभ मुहूर्त

Paush Amavasya 2025: पौष माह में आने वाली अमावस्या को पौष अमावस्या कहते हैं और इस दिन स्नान व दान का खास महत्व माना गया है.

Published date india.com Published: December 8, 2025 5:44 PM IST
Paush Amavasya 2025: कब है पौष अमावस्या? नोट करें सही तारीख और जानें स्नान-दान का शुभ मुहूर्त

Paush Amavasya 2025: हिंदू धर्म में अमावस्या तिथि बहुत ही खास होती है और इस दिन पवित्र नदी में स्नान करने का विशेष महत्व होता है. कहते हैं कि अमावस्या के दिन यदि पितरों का तर्पण किया जाए तो उनकी आत्मा को शांति मिलती है और प्रसन्न होकर अपना आशीर्वाद देते हैं. हिंदी कैलेंडर का दसवां महीना शुरू हो गया है जिसे पौष माह कहते हैं. आइए जानते है इस माह अमावस्या यानि पौष अमावस्या किस दिन मनाई जाएगी.

पौष अमावस्या 2025 कब है?

वैदिक पंचांग के अनुसार पौष माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि 19 दिसंबर को सुबह 4 बजकर 59 मिनट पर शुरू होगी और इसका समापन 20 दिसंबर को शाम 7 बजकर 12 मिनट पर होगा. उदयातिथि के अनुसार इस बार पौष अमावस्या 19 दिसंबर 2025 को मनाई जाएगी.

पौष अमावस्या के दिन स्नान-दान शुभ मुहूर्त

पौष अमावस्या के दिन स्नान व दान का खास महत्व माना गया है और यदि स्नान-दान शुभ मुहूर्त में किया जाए तो अधिक फलदायी होता है. पंचांग के अनुसार पौष अमावस्या के दिन सुबह 5 बजकर 19 मिनट से लेकर 6 बजकर 14 मिनट तक ब्रह्म मुहूर्त रहेगा और स्नान के लिए ब्रह्म मुहूर्त को बेहद ही शुभ माना जाता है. स्नान के बाद अपनी क्षमता के अनुसाार किसी जरूरतमंद को वस्त्र, अन्न व धन का दान अवश्य देना चाहिए. यदि सुबह के समय दान करना संभव नहीं है तो अभि​जीत मुहूर्त में भी दान कर सकते हैं. पंचांग के अनुसार 19 दिसंबर को सुबह 11 बजकर 58 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 39 मिनट तक अभिजीत मुहूर्त रहेगा.

पितरों को प्रसन्न करने के लिए करें ये काम

पौष अमावस्या के दिन पितरों का तर्पण करना बेहद ही शुभ माना गया है. कहते हैं कि अमावस्या के दिन यदि विधि-Paush Amavasya 2025: पौष माह में आने वाली अमावस्या को पौष अमावस्या कहते हैं और इस दिन स्नान व दान का खास महत्व माना गया है.विधान से पितरों का तर्पण किया जाए तो पितर प्रसन्न होते हैं और अपना आशीर्वाद देते हैं. साथ ही कुंडली में मौजूद पितृ दोष से भी मुक्ति मिलती है. जब पितर प्रसन्न होते हैं तो जीवन में आ रही सभी बाधाएं दूर होती हैं और तरक्की के रास्ते खुलते हैं.

डिस्क्लेमर: यहां दी गई सभी जानकारियां सामाजिक और धार्मिक आस्थाओं पर आधारित हैं. India.Com इसकी पुष्टि नहीं करता. इसके लिए किसी एक्सपर्ट की सलाह अवश्य लें.

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