Paush Putrada Ekadashi 2020: पौष के महीने में आने वाली पुत्रदा एकादशी का काफी महत्‍व है. मान्यता है कि इस व्रत को रखने से पुत्र प्राप्ति की कामना पूरी होती है. Also Read - Aaj Ka Panchang 24 January 2021: पौष पुत्रदा एकादशी पर पढ़ें आज का पंचांग, जानें सूर्योदय-सूर्यास्त का समय

Paush Putrada Ekadashi 2020 Date
पौष माह में शुक्ल पक्ष की एकादशी को पुत्रदा एकादशी व्रत रखा जाता है. इस बार ये व्रत 6 जनवरी, सोमवार को रखा जाएगा. Also Read - Paush Putrada Ekadashi 2021 Date: कब मनाई जाएगी पौष पुत्रदा एकादशी, जानें शुभ मुहूर्त, महत्व और कथा

Makar Sankranti 2020: मकर संक्रांति तिथि, महत्‍व, शुरू होंगे शुभ कार्य, क्‍या करें इस दिन Also Read - Paush Putrada Ekadashi 2020: ऐसे करें एकादशी व्रत पारण, जानें विधि, शुभ मुहूर्त

पुत्रदा एकादशी महत्व
भगवान विष्णु को ये व्रत अत्‍यंत प्रिय है. पुत्रदा एकादशी व्रत रखने और विधिवत पूजन से जातकों की गोद सूनी नहीं रहती. उन्हें पुत्र संतान सुख प्राप्त होता है. यह एकादशी सभी पापों को नाश करने वाली भी बताई गई है.

पुत्रदा एकादशी व्रत कथा
प्राचीन काल में भद्रावती नगर में राजा सुकेतुमान का शासन था. उनकी पत्नी का नाम शैव्या था. सालों बीत जाने के बावजूद संतान नहीं होने के कारण पति-पत्नी दुःखी और चिंतित रहते थे. इसी चिंता में एक दिन राजा सुकेतुमान अपने घोड़े पर सवार होकर वन की ओर चल दिए. घने वन में पहुंचने पर उन्हें प्यास लगी तो पानी की तलाश में वे एक सरोवर के पास पहुंचे. वहां उन्होंने देखा कि सरोवर के पास ऋषियों के आश्रम भी हैं और वहां ऋषि-मुनी वेदपाठ कर रहे हैं. पानी पीने के बाद राजा आश्रम में पहुंचे और ऋषियों को प्रणाम किया.

Festivals in January 2020: मकर संक्रांति, बसंत पंचमी समेत जनवरी के व्रत-त्‍योहार, इस दिन चंद्र ग्रहण…

राजा ने ऋषियों से वहां जुटने का कारण पूछा तो उन्होंने बताया कि वे सरोवर के निकट स्नान के लिए आये हैं. उन्होंने बताया कि आज से पांचवें दिन माघ मास का स्नान आरम्भ हो जाएगा और आज पुत्रदा एकादशी है. जो मनुष्य इस दिन व्रत करता है, उन्हें पुत्र की प्राप्ति होती है. इसके बाद राजा अपने राज्य पहुंचे और पुत्रदा एकादशी का व्रत शुरू किया और द्वादशी को पारण किया. व्रत के प्रभाव से कुछ समय के बाद रानी गर्भवती हो गई और उसने एक पुत्र को जन्म दिया. अगर किसी को संतान प्राप्ति में बाधा होती है तो उन्हें इस व्रत को करना चाहिए. व्रत के महात्म्य को सुनने वाले को भी मोक्ष की प्राप्ति होती है.

धर्म की और खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.