Paush Putrada Ekadashi 2020: पौष के महीने में आने वाली पुत्रदा एकादशी व्रत का जितना महत्‍व है, उतना ही महत्‍व इसके पारण का भी है. Also Read - Aaj Ka Panchang 24 January 2021: पौष पुत्रदा एकादशी पर पढ़ें आज का पंचांग, जानें सूर्योदय-सूर्यास्त का समय

सही विधि से और सही समय पर व्रत का पारण करने से भगवान श्रीहरि प्रसन्‍न होते हैं. ऐसा करने से व्रत का पूरा फल प्राप्‍त होता है. Also Read - Paush Putrada Ekadashi 2021 Date: कब मनाई जाएगी पौष पुत्रदा एकादशी, जानें शुभ मुहूर्त, महत्व और कथा

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पारण समय
7 जनवरी, मंगलवार को इरेनही 1:30 बजे से शाम 3:34 बजे तक शुभ मुहूर्त है. हरि वासर का समय सुबह 10:05 बजे तक का है, इस समय में व्रत का पारण नहीं किया जाता.

पारण विधि
एकादशी व्रत समाप्त करने को पारण कहते हैं. एकादशी व्रत के अगले दिन सूर्योदय के बाद पारण किया जाता है. एकादशी व्रत का पारण द्वादशी तिथि समाप्त होने से पहले करना आवश्यक बताया गया है.

एकादशी व्रत का पारण हरि वासर के दौरान नहीं करना चाहिए. हरि वासर द्वादशी तिथि की पहली एक चौथाई अवधि है.

द्वादशी तिथि को स्‍नान के बाद भगवान विष्‍णु का ध्‍यान करें. इस दिन ब्राह्मण को पहले भोजन कराना चाहिए. जो ऐसा करने में असमर्थ हों, तो ब्राह्मण भोजन के निमित्त कच्चा सामान (सीधा) मंदिर में दान करें. इसके पश्‍चात अन्‍न ग्रहण करें.

एकादशी महत्व
भगवान विष्णु को ये व्रत अत्‍यंत प्रिय है. एकादशी व्रत रखने और विधिवत पूजन से मनचाही मुराद पूरी होती है. एकादशी सभी पापों को नाश करने वाली भी बताई गई है.

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