Pitru Paksha 2019: आश्विन महीने के कृष्ण पक्ष प्रतिपदा से अमावस्या तक 15 दिनों तक चलने वाले पितृ पक्ष के दौरान बिहार के गया आने वाले पिंडदानियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसको लेकर जिला प्रशासन तैयारी में जुटा है. हिंदू धर्म में पितरों की आत्मा की शांति और मुक्ति के लिए पिंडदान को एक अहम कर्मकांड माना जाता है. बिहार का गया इसके लिए सर्वोतम स्थान माना गया है.

इस वर्ष 12 से 28 सितंबर के बीच गया में पितृ पक्ष मेला लगने जा रहा है. इस मेले में आने वाले देश और विदेश के श्रद्धालुओं के रहने के लिए जिला प्रशासन ने रहने की व्यवस्था की है.

‘मोक्ष की धरती’ गया के जिला प्रशासन ने पितृ पक्ष मेले के दौरान 67 हजार से अधिक पिंडदानियों के रहने की व्यवस्था की गई है. गया के जिलाधिकारी अभिषेक सिंह ने कहा कि स्कूलों को मिलाकर बनाए गए 26 सरकारी आवासन स्थलों में 67 हजार से अधिक पिंडदानियों को रहने की व्यवस्था की गई है. इसमें स्कूल, होटल, रेस्ट हाउस और पंडे का आवास शामिल है.

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पिछले साल जिला प्रशासन द्वारा 16 हजार पिंडदानियों के रहने का इंतजाम कराया गया था. उन्होंने बताया कि 25 जगहों पर पुलिस बलों के रहने का इंतजाम किया गया है.

सिंह ने कहा, “मेले में किसी भी प्रकार की कोई कमी न रहे, हर दिन अधिकारी इसकी समीक्षा के साथ-साथ मुआयना भी कर रहे हैं. गया तीर्थ में श्राद्ध, पिंडदान व तर्पण करने के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए कॉल सेंटर बनाए गए हैं, जहां से तीर्थयात्री किसी भी तरह की परेशानी, शिकायत की सूचना दे सकते हैं.”

इसके अलावे कोई भी व्यक्ति मोबाइल एप ‘पिंडदान गया’ व वेबसाइट ‘पिंडदानगयाडॉटइन’ से जुड़ी विस्तृत जानकारी हासिल कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि मोबाइल एप में भी पिंडदान से जुड़ी सारी जानकारी उपलब्ध है.

गौरतलब है कि रविवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गया पहुंचकर पितृ पक्ष को लेकर तैयारी की समीक्षा की थी. मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मेला बिहार की प्रतिष्ठा से जुड़ा है. यहां आने वाले लोगों की सुविधा की समुचित व्यवस्था होनी चाहिए. उन्होंने अधिकारियों को कई निर्देश भी दिए थे.
(एजेंसी से इनपुट)