Pitru Paksha 2019: पितृ पक्ष चल रहे हैं. इस समय में पितरों को श्राद्ध अर्पण किया जाता है.

हर साल लाखों लोग श्राद्ध करते हैं. पर क्‍या आप जानते हैं कि कुछ ऐसी बातें जिनका इस दौरान जरूर ध्‍यान रखा जाना चाहिए.

इन 10 बातों का रखें ध्‍यान
– पिंडदान में दूध, शहद, तुलसी पत्ता, तिल आदि का महत्वपूर्ण होता है.

– पिंडदान में सोना, चांदी, तांबे, कांसे या पत्तल के पात्र का ही प्रयोग करना चाहिए.

Pitru Paksha 2019: श्राद्ध में कौवे के आने को क्‍यों मानते हैं शुभ, इन संकेतों में छिपे होते हैं भविष्‍य के राज…

– श्राद्ध के लिए तीन मुहूर्त शुभ माने जाते हैं. शास्‍त्रों में कहा गया है कि श्राद्ध दोपहर के समय में करने चाहिए. इसके लिए तीन मुहूर्त बताए गए हैं. शास्‍त्रों में कुतुप को सर्वोत्‍तम, रौहिण को श्रेष्‍ठ और अपराह्न को साध्‍य बताया गया है.

– तुलसी का प्रयोग अवश्‍य करें.

– श्राद्ध के दिनों में घर में कोई भिखारी आ जाए तो उसे भी आदरपूर्वक भोजन दें.

– श्राद्ध के दिन गाय और कौए के लिए भी भोजन निकालें.

– जल का तर्पण जरूर करें. इससे पितरों की प्यास बुझती है.

– दान आदि देकर ही श्राद्ध के दिन भोजन ग्रहण करें. ब्राह्मण को भोजन कराकर यथाशक्ति दान दें.

– पूर्वजों की मनपसंद चीजों का दान करें. अगर संभव हो तो गोदान करें. इसके अलावा तिल, स्वर्ण, घी, वस्त्र, गुड़, चांदी, पैसा, नमक, फल का दान कर सकते हैं.

– श्राद्ध के तर्पण में दूध, तिल, कुशा, पुष्प, गंध मिश्रित जल शामिल करना चाहिए.

क्यों करते हैं श्राद्ध
पितृ-पक्ष में पूर्वजों का तर्पण या श्राद्ध नहीं करने वाले लोगों को पितृदोष का सामना करना पड़ता है. पितरों की आत्मा की शांति के लिए तर्पण और श्राद्ध कर्म को महत्वपूर्ण माना गया है.

अगर किसी के ऊपर पितृदोष है तो उसे दूर करने के उपाय भी इन्हीं 15 दिनों के दौरान होते हैं. दरअसल पितृपक्ष एक जरिया है अपने पूर्वजों के ऋण को उतारने का.