Pitru Paksha 2019: पितृ पक्ष 13 सितंबर से आरंभ होंगे. पहला श्राद्ध पूर्णिमा श्राद्ध है जो शुक्रवार को है.

इस दिन उन पितरों का श्राद्ध करने का नियम है जिनकी मृत्‍यु पूर्णिमा तिथि को हुई हो.

कैसे करें पूर्णिमा श्राद्ध
पितृ की तस्वीर सामने रखें. उन्‍हें चंदन का माला पहनाएं. सफेद चंदन का तिलक करें. इलाइची, केसर, शक्कर, शहद आदि मिलाकर बनाई खीर रखें. गाय के गोबर के उपले में अग्नि प्रज्जवलित करें. पितरों के निमित्त तीन पिंड बनाकर आहुति दें.

Pitru Paksha 2019: जानें पितृ पक्ष के 15 दिनों में क्‍या करें क्‍या नहीं…

पूजन के बाद गाय, कौआ और कुत्तों के लिए ग्रास निकालें. ब्राह्मण को भोजन करवाएं. अन्‍यथा मंदिर में भोजन सामग्री का दान करें. इसके बाद ही अन्‍न ग्रहण करें.

ये करें कामना
इस तरह की प्रार्थना करें. अगर जाने-अनजाने आपने पूर्वजों का दिल दुखाया हो, जिसके चलते वो रूठ गए हों तो वो आपको माफ करें. और आपको अपना आशीर्वाद दें. इस दौरान उनकी तस्‍वीर के सामने तिल के तेल का दीपक जरूर जलाएं.

क्या करें दान
पूर्वजों की मनपसंद चीजों का दान करें. अगर संभव हो तो गोदान करें. इसके अलावा तिल, स्वर्ण, घी, वस्त्र, गुड़, चांदी, पैसा, नमक, फल का दान कर सकते हैं.

श्राद्ध में क्‍या करें
ब्राह्मणों को भोजन कराना और दान देना शुभ होता है. श्राद्ध करते वक्त लोहे के आसन पर नहीं बैठा जाता. अगर आप ब्राह्मणों से पिंडदान करा रहे हैं तो इस बात ध्यान रखें कि लोहे की बनी पीढ़ी या बैठकी पर बैठकर पंडित श्राद्ध ना कराएं. पिंडदान करते वक्त तुलसी जरूर रखें. श्राद्ध करते वक्त आपका मुख दक्षिण दिशा की ओर होना चाहिए.