नई दिल्ली: हिंदू धर्म में पितृ पक्ष का बहुत महत्व है. हिंदू पंचांग के अनुसार भाद्रपद मास में शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी की तिथि से पितृ पक्ष शुरु हो गए हैं. आज पूर्णिमा श्राद्ध है. पितृ पक्ष के दौरान लोग अपने परिजनों का श्राद्ध और तर्पण करते हैं. इस साल कोरोना महामारी के कारण आप पितरों का श्राद्ध करने के लिए नदि या तालाब के पास नहीं जा पाएंगे. ऐसे में आपको घर पर रहकर ही पितरों का श्राद्ध करना होगा. ग्रंथों में कहा गया है कि पितृपक्ष शुरू होते ही पितृ मृत्युलोक में अपने वंशजों को देखने के लिए आते हैं और तर्पण ग्रहण करके लौट जाते हैं. इसलिए, इन दिनों में पितरों की तृप्ति के लिए तर्पण, पिंडदान, ब्राह्मण भोजन और अन्य तरह के दान किए जाते हैं. आइए जानते हैं ङर पर श्राद्ध करने के आसान तरीके- Also Read - Dashmi Shradh 2020: आज दशमी श्राद्ध, जानें क्या है शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

– श्राद्ध वाले दिन सूर्योदय से पहले उठकर नहाएं. श्राद्ध पूरा ना होने तक कुछ ना खाएं. आप सिर्फ पानी पी सकते हैं. दोपहर 12 बजे के समय श्राद्ध किया जाता है. Also Read - Pitru Paksha Matri Navami 2020: पितृपक्ष की नवमी आज इस दिन होता है मां का श्राद्ध, जानें इससे जुड़ी खास बातें

– दक्षिण दिशा में मुंह रखकर बांए पैर को मोड़कर, बांए घुटने को जमीन पर टीका कर बैठ जाएं. Also Read - Pitru Paksha 2020 Vastu Shastra Tips: घर में रखते हैं पूर्वजों की तस्वीर, तो जानें कैसा होना चाहिए वास्तु

– महिलाएं शुद्ध होकर पितरों के लिए भोजन बनाएं.

– इसके बाद तांबे के चौड़े बर्तन में जौ, तिल, चावल गाय का कच्चा दूध, गंगाजल, सफेद फूल और पानी डालें.

– पितरों के लिए अग्नि में खीर अर्पण करें. इसके बाद पंचबलि यानी देवता, गाय, कुत्ते, कौए और चींटी के लिए भोजन सामग्री अलग से निकाल लें.

– ब्राह्मण को भोजन करवाएं और श्रद्धा के अनुसार दक्षिणा और अन्य सामग्री दान करें.

– पिता के लिए पिण्ड दान और जल-तर्पण पुत्र को करना चाहिए पुत्र न हो तो पत्नी और पत्नी न हो तो सगा भाई भी श्राद्ध कर्म कर सकता है.