त्‍योहारों के इस मौसम में पोंगल (Pongal 2020) की शुरुआत हो रही है. पोंगल तमिलनाडु के प्रमुख त्योहारों में से एक है. Also Read - Happy Pongal 2020: पोंगल पर अपनों को भेजें ये संदेश, देखें WhatsApp Messages, Greetings, SMS

पोंगल का अर्थ
तमिल में पोंगल का अर्थ है उफान. इसका दूसरा अर्थ नया साल भी है. ये त्योहार भी फसल और किसानों का त्योहार होता है. पोंगल का त्योहार 4 दिन का होता है. यह त्योहार तमिल महीने ‘तइ’ की पहली तारीख से शुरू होता है और इसी दिन से तमिल नववर्ष की भी शुरुआत होती है. दक्षिण भारत में धान की फसल समेटने के बाद लोग खुशी प्रकट करने के लिए पोंगल का त्योहार मनाते हैं और भगवान से आगामी फसल के अच्छे होने की प्रार्थना करते हैं. Also Read - Pongal 2020: कब और कैसे मनाते हैं पोंगल, जानिए मकर संक्रांति व लोहड़ी से इसका कनेक्‍शन

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पोंगल 2020
पोंगल 2020 का त्‍योहार 15 फरवरी, बुधवार से 18 फरवरी, शनिवार तक मनाया जाएगा.

कैसे मनाते हैं ये त्योहार
मकर संक्रांति की ही तरह पोंगल पर भी मुख्य तौर पर सूर्य की पूजा की जाती है. भगवान सूर्य को जो प्रसाद अर्पित किया जाता है, उसे पगल कहते हैं.

पर्व के पहले दिन लोग सुबह उठकर स्नान करते हैं. नए कपड़े पहनते हैं. नए बर्तन में दूध, चावल, काजू, गुड़ आदि चीजों की मदद से पोंगल नाम का भोजन बनाया जाता है. घर की खूब सजावट करते हैं. रंगोली बनाई जाती है. पुरानी चीजों को जलाया जाता है. नई वस्तुओं को घर लाने का ये सबसे शुभ समय माना जाता है.

चार दिवसीय त्‍योहार का नाम
त्योहार के पहले दिन को ‘भोगी पोंगल’ कहते हैं, दूसरे दिन को ‘सूर्य पोंगल’, तीसरे दिन को ‘मट्टू पोंगल’ और चौथे दिन को ‘कन्नम पोंगल’ कहते हैं. पोंगल के हर दिन अलग-अलग परंपराओं और रीति रिवाजों का पालन किया जाता है.

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