Pradosh Vrat 2020 पर भगवान शिव को प्रसन्‍न करना चाहते हैं तो विधि-विधान से पूजन आवश्‍यक है. जिससे भोलेनाथ प्रसन्‍न होकर मनोकामनाएं पूरी करते हैं.

इन मंत्रों को जपें

ऊं नम: शिवाय

ऊं सद्योजाताय नम:

ऊं वामदेवाय नम:

ऊं अघोराय नम:

ऊं ईशानाय नम:

ऊं तत्पुरुषाय नम:

Pradosh Vrat 2020: बुध प्रदोष व्रत की प्रमाणिक कथा, कहे बिना अधूरा है व्रत

शिव आरती

ॐ जय शिव ओंकारा , प्रभु हर ॐ शिव ओंकारा|
ब्रह्मा विष्णु सदाशिव, अर्द्धांगी धारा ॥
|| ॐ जय शिव ओंकारा……||
एकानन चतुराननपंचांनन राजै |
हंसासंन, गरुड़ासन, वृषवाहन साजै॥
|| ॐ जय शिव ओंकारा……||
दो भुज चार चतुर्भज दस भुज अति सोहें |
तीनों रुप निरखता त्रिभुवन जन मोहें॥
|| ॐ जय शिव ओंकारा……||
अक्षमाला, वनमाला ,मुण्डमालाधारी |
चंदन, मृगमद सोहें, भाले शशिधारी ॥
|| ॐ जय शिव ओंकारा……||
श्वेताम्बर, पीताम्बर, बाघाम्बर अंगें।
सनकादिक, ब्रह्मादिक, भूतादिक संगें॥
|| ॐ जय शिव ओंकारा……||
कर मध्ये कमण्डलु, चक्र त्रिशूलधर्ता |
जगकर्ता, जगहर्ता, जगपालनकर्ता ॥
|| ॐ जय शिव ओंकारा……||
ब्रम्हा विष्णु सदाशिवजानत अविवेका |
प्रवणाक्षर के मध्यें ये तीनों एका ॥
|| ॐ जय शिव ओंकारा……||
त्रिगुण शिव की आरती जो कोई नर गावें |
कहत शिवानंद स्वामी मनवांछित फल पावें ॥
|| ॐ जय शिव ओंकारा……||
॥ इति श्री शिव आरती॥

Pradosh Vrat 2020: साल के पहले बुध प्रदोष व्रत पर करें ये उपाय, दूर होंगी सभी परेशानियां

Pradosh Vrat 2020 Date
प्रदोष व्रत 8 जनवरी, बुधवार को है. बुधवार को प्रदोष आने से ये व्रत बुध प्रदोष व्रत कहलाता है. बुध प्रदोष को सभी प्रकार की सफलता प्रदान करने वाला कहा गया है. बुध प्रदोष व्रत रखने से नौकरी में मनचाही सफलता मिलती है. प्रदोष व्रत में भगवान शिव की पूजा शाम के समय सूर्यास्त से 45 मिनट पूर्व और सूर्यास्त के 45 मिनट बाद तक की जाती है.

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