Pradosh Vrat 2020: प्रदोष व्रत 22 जनवरी, बुधवार को है. बुधवार का दिवस होने के कारण इस व्रत को बुध प्रदोष व्रत कहा जाता है. बुध प्रदोष को सभी प्रकार की सफलता प्रदान करने वाला कहा गया है.

बुध प्रदोष व्रत विधि

बुध प्रदोष व्रत के दिन व्रती को प्रात:काल स्नान करना चाहिए. शिव जी का ध्‍यान करें. मन ही मन ॐ नम: शिवाय का जप करें.

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सूर्यास्त से तीन घड़ी पूर्व, शिव जी का पूजन आरंभ करें. पूजन आरंभ करने से पूर्व शाम के समय स्नान करें. साफ-सुथरे सफेद वस्त्र धारण करें. शिव मंदिर में जाकर पूजन करें. अगर संभव ना हो तो घर पर ही पूजन करें. कलश या लोटे में शुद्ध जल भरकर, कुश के आसन पर बैठकर, शिव जी की पूजा करें. फिर जल अर्पित करें.

ध्यान के बाद बुध प्रदोष व्रत की कथा कहें-सुनें. कथा समाप्‍त होने के बाद हवन सामग्री मिश्रित कर 11, 21 या 108 बार ॐ ह्रीं क्लीं नम: शिवाय स्वाहा मंत्र से आहुति दें. शिव जी की आरती करें. उपस्थित जनों को आरती देकर, प्रसाद बांटे. भोजन में केवल मीठी चीजों का ही प्रयोग करना चाहिए.

ऐसे करें भगवान शिव का ध्‍यान

करोड़ों चंद्रमा के समान कांतिवान, त्रिनेत्रधारी, मस्तक पर चंद्रमा का आभूषण धारण करने वाले पिंगलवर्ण के जटाजूटधारी, नीले कण्ठ तथा अनेक रुद्राक्ष मालाओं से सुशोभित, वरदहस्त, त्रिशूलधारी, नागों के कुण्डल पहने, व्याघ्र चर्म धारण किये हुए, रत्नजड़ित सिंहासन पर विराजमान शिव जी हमारे समस्त कष्टों को दूर कर सुख समृद्धि प्रदान करें.

इन मंत्रों का जप करें

ऊं नम: शिवाय, ऊं सद्योजाताय नम:, ऊं वामदेवाय नम:, ऊं अघोराय नम:, ऊं ईशानाय नम:, ऊं तत्पुरुषाय नम:

शुभ मुहूर्त

पूजन का शुभ मुहूर्त 22 जनवरी, बुधवार शाम 6:21 से रात 8:57 तक का है.

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