Pradosh Vrat 29 September: भगवान शिव को समर्पित प्रदोष व्रत का शिवभक्तों के लिए विशेष महत्व है. इस व्रत को रखने से सभी कष्टों से मुक्ति मिलती है. Also Read - Pradosh Vrat 2020: प्रदोष व्रत पर जानें शुभ मुहूर्त और पूजा की विधि

अधिकमास प्रदोष व्रत
अधिकमास का प्रदोष व्रत 29 सितंबर, मंगलवार को है. मंगलवार के दिन पड़ने से इसे भौम प्रदोष व्रत भी कहा जाता है. इस व्रत को रखने से व्यक्ति को आरोग्य की प्राप्ति होती है. Also Read - Pradosh Vrat 2020: अधिकमास का आखिरी प्रदोष व्रत, जानें मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि

भौम प्रदोष महत्व
भौम प्रदोष के दिन यदि जातक भगवान शंकर की विधिवत पूजा करें तो जीवन में कर्ज से कभी परेशानी नहीं होती और ना ही कभी धन की कमी होती है. अगर कर्ज तले दबे हुए हैं तो भौम प्रदोष व्रत करना लाभदायी हो सकता है. Also Read - Pradosh Vrat 15 September 2020: भौम प्रदोष व्रत पर बना ये खास संयोग, जानें महत्व, पूजन विधि, शुभ मुहूर्त

भौम प्रदोष व्रत विधि
सुबह जल्दी उठकर स्नान करें. भगवान शिव का पूजन करें. व्रत का संकल्प लें. दिन भर व्रत रखें. इसकी मुख्य पूजा शाम को प्रदोष काल में होती है. इसलिए शाम को फिर स्नान करें. भगवान शिव का पूजन करें. प्रदोष व्रत की कथा सुनें या पढ़ें. ॐ नम: शिवाय मंत्र का जप करें. भगवान शिव के साथ मां पार्वती का भी पूजन करें. भगवान शिव को फल एवं मिष्ठान चढ़ाएं.

शुभ मुहूर्त
प्रदोष व्रत पर भगवान शिव के पूजन का शुभ प्रदोष काल- 29 सितंबर, मंगलवार को 06:09 पीएम से 08:34 पीएम तक का है.