
Renu Yadav
रेनू यादव, India.Com हिंदी में असिस्टेंट न्यूज एडिटर के पद कार्यरत हैं. हिंदी पत्रकारिता में करीब 15 वर्षों के अनुभव के दौरान उन्हें टेक्नोलॉजी, धर्म, लाइफस्टाइल, हेल्थ व अन्य विषयों ... और पढ़ें
Putrada Ekadashi 2025: पौष माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी को पौष पुत्रदा एकादशी कहा जाता है और यह व्रत जगत के पालनहार भगवान विष्णु को समर्पित है. वैदिक पंचांग के अनुसार इस बार पौष पुत्रदा एकादशी का व्रत 30 दिसंबर 2025 को रखा जाएगा जो कि साल का आखिरी एकादशी व्रत होगा. पौष पुत्रदा एकादशी के नाम से ही स्पष्ट है कि यह व्रत संतान के लिए रखा जाता है. इस दिन माताएं अपने बच्चों की सुख-समृद्धि व खुशहाली की कामना से उपवास रखती हैं. इसके अलावा यह व्रत संतान प्राप्ति की कामना से भी बहुत ही फलदायी माना गया है. इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करते समय कुछ चीजें अर्पित करना बेहद ही शुभ होता है.
यदि आप संतान प्राप्ति की कामना रखते हैं तो पौष पुत्रदा एकदाशी के दिन भगवान विष्णु को पीले रंग के वस्त्र अर्पित करें. इसके अलावा विष्णु जी के चरणों में पीले फूल, पीला चंदन, मखाने की खीर और केसर अर्पित करना चाहिए. पूजा के बाद मंदिर में ही बैठकर संतान गोपाल स्तोत्र का पाठ करना चाहिए. ऐसा करने से भगवान विष्णु के आशीर्वाद से घर में बच्चे की किलकारियां गूंजती हैं.
अगर कोई व्यक्ति धन-दौलत और सुख-समृद्धि की कामना रखता है तो उसे पौष पुत्रदा एकादशी के दिन भगवान विष्णु के चरणों में तुलसी अर्पित करनी चाहिए. कहते हैं कि विष्णु जी को तुलसी को बेहद प्रिय है और इससे वह प्रसन्न होते हैं. साथ ही विष्णु जी के भोग में भी तुलसी के पत्ते जरूर शामिल करें. लेकिन ध्यान रखें कि एकादशी के दिन तुलसी को हाथ लगाना वर्जित होता है और इसलिए एकादशी व्रत से एक दिन पहले तुलसी के पत्ते तोड़कर रख लेने चाहिए.
पौष पुत्रदा एकादशी के दिन भगवान विष्णु को केले का भोग अवश्य लगाएं. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ऐसा करने से जातक की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और रुके हुए कामों में भी सफलता मिलने लगती है. इसके अलावा भगवान विष्णु को केले का भोग लगाने से घर में सुख-समृद्धि आती है और खुशियां बनी रहती है. विष्णु जी की पूजा पंचामृत का भी विशेष महत्व माना गया है और पंचामृत का भोग लगाने से भगवान विष्णु से प्रसन्न होकर अपना आशीर्वाद देते हैं. ध्यान रखें कि पंचामृत में तुलसी दल अवश्य डालें.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई सभी जानकारियां सामाजिक और धार्मिक आस्थाओं पर आधारित हैं. India.Com इसकी पुष्टि नहीं करता. इसके लिए किसी एक्सपर्ट की सलाह अवश्य लें.
ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें Astrology की और अन्य ताजा-तरीन खबरें
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts Cookies Policy.