Raksha Bandhan 2018: रक्षाबंधन के दिन राखी बांधने से पहले बहनें खूब प्यार से राखी की थाली को सजाती हैं. रक्षाबंधन के लिए जहां एक ओर बहनें अपने भाई के लिए बाजार से सबसे सुंदर राखी चुन कर ले आती हैं, वहीं रक्षाबंधन की थाली को सजाने के लिए भी बड़ी मेहनत करती हैं. पंडित विनोद मिश्र के अनुसार राखी की थाली में राखी के साथ कुछ चीजों का होना अनिवार्य है. इनके बिना राखी की थाली अधूरी मानी जाती है. दरअसल, राखी थाल में  मौजूद हर एक चीज का खास महत्व होता है. Also Read - रक्षा बंधन पर हरियाणा के मुख्यमंत्री ने की घोषणा, राज्य में खुलेंगे 11 कॉलेज

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सबसे पहले यह जान लें कि राखी की थाली में किन चीजों का होना अनिवार्य है और यह भी जानें कि उन चीजों का क्या महत्व है.

1. राखी : राखी दरअसल, बहन की रक्षा और प्रेम के बंधन का प्रतीक है. साल दर साल यह भाईयों को याद दिलाता है कि उनकी एक जिम्मेदारी उनकी बहन भी है.

2. रोली: रोली को हिन्दू धर्म के रीति रिवाज और पूजा में इतना महत्वपूर्ण माना गया है. मस्तक के बीचो बीच रोली का टीका लगाने से बौधिक और आर्थिक विकास होता है.

3. कुमकुम या हल्दी: यह अच्छे भाग्य और संपूर्ण समृद्धि का प्रतीक है.

4. लंबे साबुत चावल (अक्षत): अक्षत के रूप चावल हमेशा साबुत ही लेते हैं. इसे कहा ही जाता है अक्षत यानी जो टूटा ना हो. चावल अन्न में श्रेष्ठ होता है. इसलिए अक्सर देवी देवताओं की पूजा में अक्षत का इस्तेमाल किया जाता है और रक्षाबंधन के दिन भाई की अक्षत से पूजा होती है. कच्चे चावल का तिलक में प्रयोग सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है.

5. पीली सरसों के बीज: पीली सरसों से नजर उतारी जाती है. भाई पर किसी बुरी नजर का साया न पड़ें इसके लिए पीली सरसों का इस्तेमाल किया जाता है.

6. दीपक: जिस तरह ईश्वर की पूजा की जाती है और आरती उतारी जाती है. राखी बांधने से पहले भाई की भी आरती उतारी जाती है.

7. मिठाई: भाई के जीवन में हमेशा मिठास घुली रहे, ऐसी कामना के साथ मिठाई खिलाई जाती है.

8. दही: हर शुभ कार्य करने से पहले दही खिलाई जाती है. लेकिन राखी के दिन बहनें भाई की ललाट पर रोली और हल्दी के साथ दही का टीका भी लगाती हैं. इसे शुभता का प्रतीक माना गया है.

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