ब्रह्म मुहूर्त में पूजा और वेद मंत्रों का जाप, जानिए प्रधानमंत्री मोदी किन-किन वैदिक नियमों का कर रहे हैं पालन?

Ram Mandir Pran Pratishtha Mahotsav: 22 जनवरी को अयोध्या में रामलला भव्य मंदिर में विराजमान होंगे. इस दौरान यजमान के रूप में प्रधानमंत्री मोदी प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान में भाग लेंगे, जिस वजह से वह कुछ विशेष नियमों का पालन कर रहे हैं.

Published date india.com Published: January 20, 2024 10:04 AM IST
Ram Mandir Pran Pratishtha: ब्रह्म मुहूर्त में पूजा और वेद मंत्रों का जाप, जानिए प्रधानमंत्री मोदी किन-किन वैदिक नियमों का कर रहे हैं पालन?

PM Modi Ayodhya Ram Mandir Pran Pratishtha: अयोध्या में 22 जनवरी को होने जा रहे रामलला के प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान की तैयारी पूरी हो चुकी है. बता दें कि 22 जनवरी (Pran Pratishtha Mahotsav) के दिन वेद मंत्रोच्चारण के साथ प्रभु श्री राम के बाल स्वरूप विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी. इस दौरान यजमान के रूप में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उपस्थित रहेंगे और अनुष्ठान में भाग लेंगे. बता दें कि प्राण प्रतिष्ठा के मुख्य अनुष्ठान से पहले प्रधानमंत्री मोदी (PM Narendra Modi) कुछ विशेष नियमों का पालन कर रहे हैं. आइए जानते हैं-

ब्रह्म मुहूर्त में पूजा और सिद्ध मंत्रों का जाप

रामलला के प्राण प्रतिष्ठा के लिए प्रधानमंत्री मोदी ब्रह्म मुहूर्त में पूजा कर रहे हैं और सुबह 3:40 पर उनकी पूजा शुरू हो जाती है. इसके साथ प्रधानमंत्री मोदी सिद्ध पुरुषों द्वारा प्राप्त किए गए मंत्रों का भी जाप कर रहे हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने 11 दिनों तक यह जाप करने का संकल्प लिया है और अनुष्ठान के लिए इस नियम को बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है.

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प्राण प्रतिष्ठा से पहले क्यों किया जाता है विशेष नियमों का पालन?

सनातन धर्म में प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान का विशेष महत्व है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जब देव प्रतिमा में देवताओं का आवाहन किया जाता है तो इस दौरान पुरोहित और यजमान द्वारा विशेष नियमों का पालन किया जाता है. ऐसा इसलिए क्योंकि देवताओं के आवाहन के लिए यजमान को और देव प्रतिमा को उस योग्य बनना होता है, जिससे वह भगवान के आवाहन में सफल हो सकें. यही कारण है कि प्रधानमंत्री मोदी मुख्य अनुष्ठान से पहले इन विशेष नियमों का पालन कर रहे हैं.

प्रधानमंत्री मोदी कर रहे हैं यम नियम का पालन

सनातन धर्म में विभिन्न प्रकार के नियमों का उल्लेख किया गया है, जिनमें से एक यम नियम भी है. प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान में सफलता पाने के लिए इस नियम को बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है. यम नियम के अनुसार, प्रतिदिन स्नान, अन्न त्याग, बिस्तर पर सोने का त्याग, नित्य पूजा इत्यादि जैसे नियम शामिल हैं, जिसका पालन प्रधानमंत्री मोदी मुख्य अनुष्ठान से पहले कर रहे हैं.

22 जनवरी को इस शुभ मुहूर्त में की जाएगी रामलला की प्राण प्रतिष्ठा

अयोध्या में नवनिर्मित भव्य राम मंदिर में 22 जनवरी के दिन काशी के विद्वान ज्योतिषाचार्य पंडित गणेश्वर शास्त्री द्रविड़ द्वारा बताए गए शुभ मुहूर्त में रामलला के विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी. ज्योतिषाचार्य गणेश्वर द्रविड़ द्वारा बताया गया शुभ समय अभिजीत मुहूर्त में होगा और प्राण प्रतिष्ठा के लिए मुख्य अनुष्ठान 84 सेकंड के सूक्ष्म समय में पूरा किया जाएगा. बता दें की प्राण प्रतिष्ठा के लिए मुख्य अनुष्ठान दोपहर 12:29:08 से दोपहर 12:30:32 के बीच किया जाएगा. ज्योतिषाचार्य के अनुसार, यह मुहूर्त सभी प्रकार के अशुभ तत्वों से मुक्त रहेगा और प्राण प्रतिष्ठा के लिए सबसे उत्तम रहेगा.

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