Happy Ram Navami 2019: रामनवमी वह दिन है, जब भगवान श्रीराम ने राजा दशरथ के यहां माता कौशल्‍या के गर्भ से जन्‍म दिया था. उस दिन चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि थी. तभी से यह दिन बड़े उत्‍साह और धूमधाम से मनाया जाता है. भगवान राम के जन्‍म को लेकर सभी बातें आप जानते होंगे, लेकिन कुछ बातें ऐसीं भी हैं जिनसे अभी तक आप अंजान होंगे. क्‍योंकि भगवान श्रीराम से जुड़ी कुछ बातें ऐसी हैं जिन्हें जानने के बाद आपको लगेगा कि क्या सचमे आप जानते हैं कि रामायण के आखिर में क्या हुआ था.

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पहला ग्रन्थ ‘राम चरित मानस’ गोस्वामी तुलसीदास द्वारा लिखा गया है और ‘रामायण’ के रचियता वाल्मीकि जी हैं, तो चलिए आपको बताते हैं श्रीराम से जुड़ी वो बातें जो कि आपने नहीं सुना होगा.

1. हम सभी जानते हैं कि माता सीता के स्वयंवर के लिए उनके पिता राजा जनक ने शिव धनुष को उठाने की शर्त रखी थी, जिसे केवल श्रीराम चंद्र ने उठाया और माता सीता उनकी हो गईं. मगर रामायण में यह बात कही गई है कि ऋषि विश्वामित्र अपने दोनों शिष्यों श्रीराम और लक्ष्मण के साथ राजा जनक के पास गए और उन्होंने उस धनुष को दिखाने का आग्रह किया. वहीं जब श्रीराम ने उस धनुष पर प्रत्यंचा चढ़ाने का प्रयास किया, तब वह बीच से टूट गया. वहीं राजा जनक ने कोई स्वयंवर नहीं रखा था, बल्कि उन्होंने यह प्रतिज्ञा ली थी की जो भी शिव धनुष को उठाएगा वे उसका विवाह अपनी पुत्री से करा देंगे. इस कारण माता सीता और भगवान राम का विवाह हुआ.

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2. कहा जाता है कि हिन्दू धर्म में 33 करोड़ देवी-देवता हैं, मगर आपको बता दें कि वाल्मीकि द्वारा रचित रामायण में यह संख्या घटाकर 33 करोड़ से से सिर्फ 33 देवताओं की ही बात कही गई है. जिसमें 12 आदित्य, 11 रूद्र, 8 वसु, और 2 आदित्य हैं.

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3. राम और रावण का युद्ध जिस समय चल रहा था, उस समय देवराज इंद्र ने रावण के वध के लिए राम को अपना दिव्य रथ दिया था, जिस पर चढ़कर राम ने रावण का वध किया था.

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4. रामचरित मानस को गोस्वामी तुलसीदासजी ने लिखा जिनका जन्म संवत् 1554 को हुआ था. गोस्वामी तुलसीदास ने रामचरित मानस की रचना अवधी भाषा में की. रामायण से अधिक इस ग्रंथ की लोकप्रियता है लेकिन यह ग्रंथ भी रामायण सहित अन्य ग्रंथों और लोक-मान्यताओं पर आधारित है.

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