
Renu Yadav
नमस्कार, मैं रेनू यादव, India.Com हिंदी में असिस्टेंट न्यूज एडिटर के पद कार्यरत हूं. हिंदी पत्रकारिता में करीब 14 वर्षों के दौरान मुझे टेक्नोलॉजी, धर्म, लाइफस्टाइल, हेल्थ व अन्य विषयों ... और पढ़ें
Ramayan Katha: कहते हैं कि हनुमान जी तुलसी बेहद ही प्रिय है और इसलिए उनकी पूजा में तुलसी का पत्ता जरूर इस्तेमाल किया जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार हनुमान जी को तुलसी का पत्ता अर्पित करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और जीवन में आ रहे कष्टों से भी मुक्ति मिलती है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि आखिर हनुमान जी को तुलसी इतनी प्रिय क्यों है? इसका जवाब रामायण की कथाओं में छिपा हुआ है.
पौराणिक कथाओं के अनुसार जब भगवान श्रीराम 14 वर्ष के वनवास के बाद अयोध्या लौटे तो उनका राज्याभिषेक किया गया. इस दौरान भगवान शिव और माता पार्वती श्रीराम से मिलने अयोध्या पहुंचे तो माता सीता ने उनका खूब आदर-सत्कार किया. लेकिन भगवान शिव वहां कहीं भी हनुमान जी नजर नहीं आए तो उन्होंने माता सीता से उनके बारे में पूछा. तब सीता जी ने बताया कि हनुमान जी बाग में आराम कर रहे हैं, यह सुनकर भगवान शिव बाग में हनुमान जी से मिलने पहुंच गए.
भगवान शिव जैसे ही हनुमान जी से मिलने बाग में पहुंचे तो बेहद ही अद्भुत नजारा देखकर हैरान रह गए. बाग में हनुमान जी सो रहे थे और उनकी सांस से राम नाम की ध्वनि निकलकर चारों ओर फैल रही थी. शिवजी भी उस ध्वनि में खो गए और नाचने लगे. उसी समय लक्ष्मण जी भगवान शिव और हनुमान जी को बुलाने आए तो वह भी राम नाम की धुन में मगन होकर नाचने लगे. काफी समय बाद भी जब तीनों में से कोई भी महल में नहीं पहुंचा तो प्रभु राम स्वंय हनुमान जी बुलाने आए और वहां का नजारा देखकर अचंभित रह गए. उन्होंने हनुमान जी को उठाया और जैसे ही हनुमान जी की नींद टूटी वह प्रभु श्रीराम को दखकर तुरंत खड़े हो गए.
इसके बाद सभी महल में खाना खाने पहुंचे तो माता सीता से हनुमान जी को भी खाने के लिए बिठा दिया. हनुमान जी भगवान राम से पहले भोजन नहीं करते थे लेकिन माता सीता की आज्ञा को भी नहीं टाल सकते थे. इसलिए उन्होंने खाना खाना शुरू किया लेकिन उनका पेट भरा ही नहीं, जिसे देखकर माता सीता परेशान हो गईं तो भगवान राम ने कहा कि हनुमान जी के भोजन में तुलसी का पत्ता मिला दें. जैसे ही हनुमान जी तुलसी के पत्ते वाला खाना खाया उनकी भूख शांत हो गई. कहते हैं कि तभी से हनुमान जी को तुलसी अर्पित करने की परंपरा चली आ रही है.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई सभी जानकारियां सामाजिक और धार्मिक आस्थाओं पर आधारित हैं. India.Com इसकी पुष्टि नहीं करता. इसके लिए किसी एक्सपर्ट की सलाह अवश्य लें.
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