Ramzan 2020: माह-ए-रमज़ान का महीना बहुत जल्द ही दस्तक देने को तैयार है. इस पाक साफ़ महीने का हर मुसलमान इंतज़ार करता है. सभी महीनों में सबसे ज़्यादा अफ़ज़ल और बरकत वाले इस महीने में मुस्लिम समाज के लोग रोज़ा रखते हैं और ख़ुदा की इबादत करते हैं. ऐसा कहते हैं कि इस महीने में अल्लाह अपने बन्दों की हर दुआ क़ुबूल करता है. Also Read - Eid ul Fitr 2020 : आज बंद रहेगी जामा मस्जिद, केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नक़वी ने घर पर ही अदा की नमाज

यह महीना जहां एक तरफ आपको अपने ज़हन और दिल पर काबू करना सिखाता है वहीं दूसरी तरफ आपको इबादत करने की भी तालीम देता है. रोज़ा रखने का मतलब महज़ खाने पिने की कुर्बानी नहीं है. इस दौरान इंसान को अपने अंदर की वहशी ख्यालों पर काबू रखना ज़रूरी है. बुरा नहीं देखना, बुरा नहीं बोलना, बुरा नहीं छूना जैसी चीज़ें बभी शामिल हैं. यह भी कहा जाता है कि इस महीने इंसान के साथ उनके जिस्म के हर हिस्से भी रोज़े में होते हैं. आज हम आपको वो 5 कामों के बारे में बता रहे हैं जिसे  रमजान में भूलकर भी नहीं किया जाना चाहिए. Also Read - Corona और Lockdown से फीकी पड़ी ईद की रंगत, नहीं सजे बाजार, त्योहार में सूनी पड़ी सड़कें

ये हैं वो पांच काम :

1. शारीरिक संबंध:

रमजान के पाक महीने के दौरान शारीरिक संबंध बनाने की या किसी भी प्रकार की यौन क्रिया करने की मनाही होती है. इस महीने में अपनी सभी इच्छाओं पर नियंत्रण रखना होता है. इस दौरान अश्लील या अभद्र कार्य ना करें और भी अनैतिक व्यवहार करने से बचें. Also Read - Eid in Kerala 2020 Live Chand Raat: केरल में आज नजर आ सकता है ईद का चांद

2. धूम्रपान और शराब:

धूम्रपान और शराब की गिनती बुराईयों में होती है. रमजान के दौरान धूम्रपान और शराब सेवन की मनाही होती है. रमजान के महीने में शराब और सिगरेट पीने वाले शख्स को रोजा का फल प्राप्त नहीं होता.

3. चुगली या ग़ीबत (दूसरों की बुराई करना) :

कुरान में दूसरों की बुराई करने और दूसरों की महिलाओं पर बुरी नजर रखने को पाप माना गया है. ऐसे में रमजान के महीने में दूसरों की बुराई करने और महिलाओंं पर बुरी नजर रखने वाले व्यक्ति को नर्क नसीब होता है.

4. अल्लाह के नाम पर झूठ नहीं:

अल्लाह का नाम लेकर किसी को धोखा ना दें. इस पाक महीने में यदि कोई इस्लाम का अनुयायी झूठ बोलता है या अल्लाह का नाम लेकर किसी से पैसे लेता है तो इसे धोखा माना जाएगा. ऐसा करने वाले व्यक्ति को अल्लाह सजा देते हैं.

5. लड़ाई-झगड़ा और गाली देना

रमजान का महीना धैर्य सिखाता है. खुद पर और अपनी भावनाओं पर नियंत्रण रखना सिखाता है. इस दौरान किसी से लड़ने और गाली देने से आपकी आत्मा शुद्ध नहीं होगी. मन और आत्मा को साफ करना रमजान का मुख्य उद्देश्य है.