नई दिल्ली: चाँद दिख गया है. रमज़ान का पवित्र महीना शनिवार से शुरू हो रहा है. देश और दुनिया के दूसरे हिस्सों रमज़ान की मुबारकबाद एक-दूसरे को दी जा रही है. पीएम नरेंद्र मोदी ने भी देश को रमज़ान की मुबारकबाद दी है. रमजान (Ramzan 2020) का पाक महीना 25 अप्रैल से शुरू होकर एक माह तक चलेगा. और रमजान खत्म होने के साथ ही ईद-उल-फितर (EID 2020) का त्यौहार मनाया जाएगा. अभी पूरे देश में लॉकडाउन है, जो 3 मई तक चलेगा. Also Read - लॉकडाउन नहीं बढ़ा; वर्क फ्रॉम होम रहेगा या नहीं, ऑफिस-स्कूल-कॉलेज खोलने के लिए क्या हैं नियम, 20 पॉइंट्स में जानें

इस बार रमज़ान अलग ही दौर में मनाना पड़ रहे हैं. दुनिया में पहली बार होगा, जब रमजान के वक्त पाबंदी होगी. मस्ज़िदें बंद रहेंगी. और वह भी एक बीमारी के डर से. कोई नागरिक घर से बाहर नमाज़ और इबादत के लिए मस्ज़िदों के लिए नहीं निकल पाएगा. सऊदी अरब जैसी जगहों पर भी मस्जिदें बंद हैं. कोरोना वायरस (Corona Virus) इस वक्त पूरी दुनिया मे अपना पैर पसार चुका है और सभी देश इस बीमारी से लड़ने में जुटे हुए हैं. भारत भी इस बीमारी की चपेट में है और इस वक़्त पूरे देश में लॉकडाउन (Lockdown in India) है और लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने को मजबूर होना पड़ रहा है. Also Read - जानवरों से इंसानों में कैसे पहुंचा कोरोना वायरस, आखिरकार रिसर्च में हुआ खुलासा

जामा मस्जिद के शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी कहते हैं कि “मेरी जानकारी के मुताबिक कभी ऐसा नहीं हुआ. जिस वक्त प्लेग फैला था, तब भी ऐसा नहीं हुआ. लोगों में उस वक्त भी डर था. 1400 साल पहले हुजूर के समय की बात करूं, तब भी प्लेग के वक्त लोग मस्जिद में आते थे और यह तब एक शहर, कस्बे तक ही सीमित था. दुनिया की तारीख में मुझे याद नहीं और न ही मैंने कभी पढ़ा कि कोई ऐसी बीमारी आई हो, जिसकी वजह से लोगों रमजान के वक्त मस्जिदों को छोड़ कर घरों में नमाज पढ़ी हो.” Also Read - सीएम शिवराज का आदेश- एमपी में कोरोना से हुई हर मौत का होगा विश्लेषण, अब तक 334 की गई है जान

ऑल इंडिया इल्मो हुनर के चीफ मु़फ्ती मोहम्मद मंजूर जियाई ने कहा, “दुनिया मे पहली दफा ऐसा होगा कि जब रमजान के वक्त पाबंदियां होंगी, एक साथ और लोग घरों में रहेंगे. हालात ऐसे हैं देश दुनिया में रौनक चाहिए, तो घरों में ही रहना पड़ेगा.