Sabrimala Utsav 2020: केरल में दो महीने चलने वाला सालाना सबरीमला उत्सव का आयोजन इस बार भी होगा. हालांकि कोविड के कारण कुछ प्रतिबंध और नए नियम बनाए गए हैं.Also Read - Sabrimala Temple: एक सप्ताह में पहुंचे 9 हजार श्रद्धालु, मकर संक्रांति 2021 तक चलेगा उत्सव

कोविड के प्रकोप को देखते हुए लागू प्रतिबंधों के कारण कम संख्या में श्रद्धालुओं को जुटने की अनुमति होगी. मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन ने यह बात सोमवार को कही है. Also Read - रिटायरमेंट से पहले चार मुद्दों पर फैसला सुनाएंगे CJI गोगोई, राफेल से लेकर राहुल गांधी तक से जुड़े हैं मामले

सबरीमला मंदिर परिसर में सालाना उत्सव 15 नवंबर से शुरू होगा. अत्यंत महत्वपूर्ण मकरविलाकु दिवस का आयोजन 14 जनवरी, 2021 को होगा. Also Read - रामविलास पासवान नहीं चाहते राममंदिर पर अध्यादेश, सबरीमला में महिलाओं की इंट्री को समर्थन

सबरीमला मंदिर
सबरीमाला मंदिर की दक्षिण भारत में काफी मान्यता है. सबरीमाला का मलयालम में अर्थ है पर्वत. यह मंदिर जंगल के बीच में है और यहां तक का सफर भक्तों को चलकर ही पूरा करना होता है. यह मंदिर करीब 800 साल पुराना है.

सबरीमाला मंदिर जाने की सबसे बड़ी शर्त है 41 दिनों का व्रत. सबरीमाला मंदिर में सिर्फ उन्हें प्रवेश दिया जाता है, जिन्होंने 40 दिनों तक संयमित जीवन जिया है.

41 दिनों का व्रत करने के बाद मंदिर की 18 पवित्र सीढ़ियों पर चढ़ने की अनुमति मिलती है. ये 18 सीढ़ियां सोने की बनी हैं.