शिरडी के साईं बाबा के भक्‍त पूरी दुनिया में हैं. लोग उन्‍हें प्रसन्‍न करने के सभी प्रयास करते हैं. करें भी क्‍यों ना, जिस पर साईं कृपा होती है उससे दुनिया के हर दुख-कष्‍ट दूर रहते हैं.

लोगों की साईं बाबा में कितनी आस्‍था है, इसका पता इसी बात से चलता है कि लोग लाखों की संख्‍या में श्रद्धालु उनके दर्शनों के लिए शिरडी पहुंचते हैं.

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पर अगर आप शिरडी नहीं जा पा रहे हैं तो चिंता करने की आवश्‍यकता नही है. घर बैठे भी कुछ मंत्रों का जाप करके साईं कृपा हासिल कर सकते हैं.

ये हैं मंत्र-

-ॐ सांईं राम

– ॐ सांईं देवाय नम:

– ॐ शिर्डी देवाय नम:

– ॐ समाधिदेवाय नम:

– ॐ सर्वदेवाय रूपाय नम:

ये याद रखें
साईं बाबा की खासियत यही है कि वे जातपात को नही मानते थे. उनका कहना था ‘सबका मालिक एक है’.

शिरडी के साईं बाबा
कहा जाता है की साईं अपने भक्तों के दुख में खुद ही चले आतें हैं और उनकी सारी तकलीफों को दूर कर देते हैं. लेकिन आप जानतें हैं की शिरडी के साईं मंदिर में जो साईं बाबा की प्रतिमा है उसमें एक रहस्य जुड़ा हुआ है. साईं बाबा की महासामधि के बुट्टी वाडा में उनकी तस्वीर रखकर उनकी पूजा होती थी. इससे पहले साल 1954 तक इसी तरह साईं की पूजा होती थी. लेकिन एक दिन मुंबई के बंदरगाह पर इटली से मार्बल आया. उसे किसने भेजा और क्यों भेजा इस बात का आज तक पता नही चला.

इटली से आए इस मार्बल को साईं संस्थान ने बाबा की मूर्ति बनाने के लिए ले लिए. साईं बाबा की प्रतिमा बनाने की जिम्मेदारी का काम वसंत तालीम नाम के मूर्तिकार को सौंपा गया. लेकिन मूर्तिकार ने जब बाबा मूर्ति बनाने बैठा तो उसने साईं बाबा से प्रार्थना की आप जैसे दिखतें थे मै उसी तरह से आपकी प्रतिमा बना सकूंं.

कहतें हैं की इसके बाद साईं बाबा ने खुद उसे दर्शन दिए और उसके बाद बाबा की यह मनमोहक मूर्ति बनी. इस मूर्ति के दर्शन के लिए आज भी करोड़ों की संख्या में भक्त शिरडी दर्शन करने आतें हैं. और बाबा की मूर्ति मानो ऐसा प्रतीत होता है की वो स्वयं हमें देख रहें हैं.

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