Sakat Chauth 2020 का व्रत में भगवान गणेश, मां गौरी और चंद्रमा की पूजा की जाती है. ये व्रत संतान की लंबी उम्र की कामना से रखा जाता है. Also Read - Sakat Chauth 2020: सकट चौथ पर अपनों को दें शुभकामनाएं, भेजें ये संदेश

भगवान गणेश के इस व्रत को बेहद कल्‍याणकारी माना गया है. भगवान शिव ने इस व्रत के फायदे के बारे में खुद बताया है. Also Read - Sakat Chauth 2020: कब है सकट चौथ व्रत? जानें तिथि, महत्‍व, व्रत कथा, शुभ मुहूर्त

इस व्रत को रखने से जीवन से हर तरह के संकट दूर होते हैं, संतान को दीर्घायु प्राप्‍त होती है. अगर आप भी इस बार ये व्रत रख रही हैं तो इन 5 बातों का जरूर ध्‍यान रखें.

Sakat Chauth 2020: कब है सकट चौथ व्रत? जानें तिथि, महत्‍व, व्रत कथा, शुभ मुहूर्त

– सकट चौथ में शाम के समय पूजा की जाती है. फिर चंद्रमा को अर्घ्‍य दिया जाता है. बिना अर्घ्‍य दिए ये व्रत पूर्ण नहीं माना जाता.

– इस व्रत में मिट्टी से बने गौरी, गणेश की पूजा करने का विधान है.

– भगवान शिव ने कहा है, इस दिन जो लोग गणपति के संकट मोचन के रूप की पूजा करेंगे, उनके सब संकट दूर होंगे.

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– सकट चौथ पर तिल को भूनकर गुड़ के साथ मिलाकर तिलकुटा अर्थात तिलकुट का पहाड़ बनाया जाता है. कई जगह तिल के लड्डू बनाकर प्रसाद के तौर पर चढ़ाए जाते हैं.

– सकट चौथ के दिन गौरी, गणेश, चंद्रमा को तिल, ईख, शंकरकंद, अमरूद, गुड़, घी से भोग लगाया जाता है.

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