Sakat Chauth 2026: कल रखा जाएगा सकट चौथ का व्रत, इस शुभ मुहूर्त में करें गणेश जी का पूजन, नोट करें चंद्रोदय का समय

Sakat Chauth 2026: सकट चौथ को संकष्टी चतुर्थी, तिलकुट या माघी चतुर्थी भी कहा जाता है. इस दिन गणेश का पूजन करने से संतान के जीवन में आ रहे कष्ट व बाधाएं दूर होती हैं.

Published date india.com Published: January 5, 2026 5:49 PM IST
Sakat Chauth 2026: कल रखा जाएगा सकट चौथ का व्रत, इस शुभ मुहूर्त में करें गणेश जी का पूजन, नोट करें चंद्रोदय का समय

Sakat Chauth 2026: माघ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि बहुत ही खास होती है क्योंकि इस दिन सकट चौथ का व्रत रखा जाता है. यह व्रत विघ्नहर्ता भगवान गणेश को समर्पित है और कहते हैं गणेश जी का पूजन करने से सुख—समृद्धि व खुशहाली आती है. साथ ही कामों में आ रही बाधाएं भी दूर होती हैं. सकट चतुर्थी का व्रत माताएं संतान की लंबी उम्र व खुशहाली की कामना से रखती हैं. पंचांग के अनुसार इस बार सकट चौथ का कल यानि 6 जनवरी 2026 को रखा जाएगा. इस दिन गणेश जी का पूजन किया जाता है और तिलकुट का भोग लगाया जाता है. सबसे महत्वपूर्ण है कि सकट चौथ का व्रत चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद ही खोला जाता है. आइए जानते हैं सकट चौथ के दिन पूजा का शुभ मुहूर्त और चंद्रोदय का समय.

सकट चौथ 2026 पूजा का शुभ मुहूर्त

सकट चौथ के दिन गणेश जी का पूजन किया जाता है और यह पूजन यदि शुभ मुहूर्त में किया जाए तो अधिक फलदायी होता है. वैदिक पंचांग के अनुसार 6 जनवरी को सकट चौथ के दिन गणेश जी का पूजन अभिजित मुहूर्त में किया जा सकता है. जो कि दोपहर 12 बजकर 6 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 48 मिनट तक रहेगा. इसके अलवा सकट चौथ के दिन सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है जो कि सुबह 7 बजकर 15 मिनट से दोपहर 12 बजकर 17 मिनट तक रहेगा. गणेश जी की पूजा के लिए प्रदोष काल बहुत ही शुभ होता है. 6 जनवरी को प्रदोष काल शाम 4 बजकर 9 मिनट से लेकर 6 बजकर 39 मिनट तक रहेगा.

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सकट चौथ 2026 चंद्रोदय का मुहूर्त

सकट चौथ के दिन भगवान गणेश की पूजा के बाद शाम को चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद ही व्रत का पारण किया जाता है. इसलिए इस व्रत को चंद्रोदय का विशेष महत्व माना गया है. पंचांग के अनुसार 6 जनवरी को सकट चौथ के दिन चंद्रोदय रात 8 बजकर 54 मिनट पर होगा. कहते हैं कि चंद्रोदय के समय चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत का पारण करने से संकटों से छुटकारा मिलता है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है.

सकट चौथ का महत्व

सकट चौथ का व्रत मुख्य रूप से माताएं अपनी संतान की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि की कामना से रखती हैं. यह व्रत भगवान गणेश को समर्पित है और गणेश जी को विघ्नहर्ता भी कहते हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सकट चौथ का व्रत रखने से संतान के जीवन में आ रहे सभी विघ्न व कष्ट मिट जाते हैं और तरक्की के रास्ते खुलते हैं.

डिस्क्लेमर: यहां दी गई सभी जानकारियां सामाजिक और धार्मिक आस्थाओं पर आधारित हैं. India.Com इसकी पुष्टि नहीं करता. इसके लिए किसी एक्सपर्ट की सलाह अवश्य लें.

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