संकष्टी चतुर्थी 2019: इस बार गुरुवार 24 जनवरी 2019 को संकष्टी चतुर्थी मनाई जा रही है. संकष्टी चतुर्थी का दिन भगवान गणपति को समर्पित है और इस दिन भगवान गणेश की विधि-विधान से पूजन करने पर सारी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और सारे कष्ट दूर हो जाते हैं. Also Read - Sankashti Chaturthi 2019: दिसंबर में इस दिन है संकष्टी चतुर्थी, करें गणेश जी की पूजा, मिट जाएंगे सभी कष्ट

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यह है मान्‍यता

भगवान गणेश जी को विघ्नहर्ता और प्रथम पूजय देव के रूप में जाना जाता है. किसी भी कार्य को करने से पूर्व सर्वप्रथम गणेश जी का पूजन किया जाता है. गणेश चतुर्थी के अलावा भी एक दिन है जिसमें भगवान श्री गणेश का पूजन और व्रत किया जाता है. इसे संकष्टी चतुर्थी के नाम से जाना जाता है.

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व्रत विधि:-

गणपति के भक्त इस दिन व्रत रखते हैं और चंद्र दर्शन के बाद उपवास तोड़ते हैं. व्रत रखने वाले जातक फलों का सेवन कर सकते हैं. साबूदाना की खिचड़ी, मूंगफली और आलू भी खा सकते हैं. मान्‍यता है कि संकष्टी चतुर्थी संकटों को खत्म करने वाली चतुर्थी है. ऐसा माना जाता है कि अगर किसी माह में संकष्टी चतुर्थी यदि मंगलवार के दिन आ रही हो तो विशेष रूप से लाभदायी मानी जाती है. अगर संकष्टी चतुर्थी मंगलवार को पड़ती है तो इसे अंगारकी संकष्टी चतुर्थी के नाम से जाना जाता है.

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पूजन विधि

1. सबसे पहले सुबह स्नान कर साफ और धुले हुए कपड़े पहनें. पूजा के लिए भगवान गणेश की प्रतिमा को ईशानकोण में चौकी पर स्थापित करें. चौकी पर लाल या पीले रंग का कपड़ा पहले बिछा लें.

2. भगवान के सामने हाथ जोड़कर पूजा और व्रत का संकल्प लें और फिर उन्हें जल, अक्षत, दूर्वा घास, लड्डू, पान, धूप आदि अर्पित करें. अक्षत और फूल लेकर गणपति से अपनी मनोकामना कहें, उसके बाद ओम ‘गं गणपतये नम:’ मंत्र बोलते हुए गणेश जी को प्रणाम करें.

3. इसके बाद एक थाली या केले का पत्ता लें, इस पर आपको एक रोली से त्रिकोण बनाना है.

4. त्रिकोण के अग्र भाग पर एक घी का दीपक रखें. इसी के साथ बीच में मसूर की दाल व सात लाल साबुत मिर्च को रखें.

5. पूजन उपरांत चंद्रमा को शहद, चंदन, रोली मिश्रित दूध से अर्घ्य दें. पूजन के बाद लड्डू प्रसाद स्वरूप ग्रहण करें.

अलग-अलग कष्टों के निवारण के लिए चढ़ावा

भौतिक सुखों की प्राप्ति हेतु गणेश जी पर बेल फल चढ़ाएं. पारिवारिक विपदा से मुक्ति के लिए गणेश जी पर चढ़े गोलोचन से घर के मेन गेट पर तिलक करें. रुके मांगलिक कार्य संपन्न करने के लिए शक्कर मिली दही में छाया देखकर गणपति पर चढ़ाएं.

2019 में कब-कब है संकष्टी चतुर्थी

तारीख  दिन पर्व चंद्रोदय
24 जनवरी 2019 गुरुवार संकष्टी चतुर्थी, सकट चौथ 21:31
22 फरवरी 2019 शुक्रवार संकष्टी चतुर्थी 21:20
24 मार्च 2019 रविवार संकष्टी चतुर्थी 22:09
22 अप्रैल 2019 सोमवार संकष्टी चतुर्थी 21:54
22 मई 2019 बुधवार संकष्टी चतुर्थी 22:27
20 जून 2019 गुरुवार संकष्टी चतुर्थी 21:53
20 जुलाई 2019 शनिवार संकष्टी चतुर्थी 21:45
19 अगस्त 2019 सोमवार संकष्टी चतुर्थी, बहुला चतुर्थी 21:21
17 सितंबर 2019 मंगलवार अंगारकी चतुर्थी 20:25
17 अक्टूबर 2019 गुरुवार संकष्टी चतुर्थी, करवा चौथ 20:16
15 नवंबर 2019 शुक्रवार संकष्टी चतुर्थी 19:46
15 दिसंबर 2019 रविवार संकष्टी चतुर्थी 20:34

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