नई दिल्ली: संकष्टी चतुर्थी का व्रत आज यामी 4 नवंबर को है. संकष्टी चतुर्थी के दिन भगवान गणेश की विधि-विधान से पूजा की जाती है. मान्यता है कि इस दिन गणपति की विधि-विधान से पूजा और उपवास रखने से समस्त कष्ट दूर हो जाते हैं और भक्त को मनचाहे वरदान की प्राप्ति होती है. इस दिन गणपति को पूजा जाता है. Also Read - Sankashti Chaturthi 2020: आज संकष्टी चतुर्थी पर जानें पूजन विधि, शुभ मुहूर्त और महत्व

संकष्टि चतुर्थी महत्व
हिन्दू पंचांग के अनुसार, संकष्टि चतुर्थी व्रत कृष्ण पक्ष चतुर्थी को रखा जाता है. गणेश जी को प्रथम देव माना गया है, इसलिए हर शुभ कार्य से पहले उन्हें ही पूजा जाता है. चूंकि चतुर्थी तिथि भगवान गणेश की मानी गई है, इसलिए उनका व्रत रखा जाता है. इस व्रत को रखने वाले का हर दुख विघ्नहर्ता हर लेते हैं. Also Read - Sankashti Chaturthi 5 October: आज संकष्टी चतुर्थी व्रत, जानें महत्व, पूजा विधि, शुभ मुहूर्त

संकष्टी चतुर्थी पूजन विधि
सुबह स्नान करें. साफ कपड़े पहनें. भगवान गणेश का पूजन करें. उन्हें तिल, गुड़, लड्डू, दुर्वा, चंदन चढ़ाएं. गणेश वदंन करें. भगवान गणेश के मंत्रों का जप करें. पूरा दिन व्रत रहें. शाम के समय चांद निकलने से पहले गणपित का पूजन करें. व्रत कथा कहें या सुनें. चंद्रमा को अर्घ्य दें. Also Read - Sankashti chaturthi 2020: संकष्टी चतुर्थी आज, गणपति से मनचाहा वरदान पाने के लिए ऐसे करें पूजा

संकष्टी चतुर्थी शुभ मुहूर्त

चतुर्थी तिथि प्रारम्भ – नवम्बर 04, 2020 को 03:24 बजे
चतुर्थी तिथि समाप्त – नवम्बर 05, 2020 को 05:14 बजे