Sankashti Chaturthi 2020: भगवान गणेश जी को सर्वप्रथम पूज्‍य देव कहा गया है. किसी भी पूजा, शुभ कार्य में सबसे पहले गणेश जी का नाम लिया जाता है. आज संकष्टि चतुर्थी है. आज के दिन गणेश जी के पूजन का विशेष महत्‍व है. Also Read - Sankashti Chaturthi 2020 Chaitra Month: चैत्र माह में इस दिन संकष्टि चतुर्थी व्रत, महत्‍व, पूजा विधि, शुभ मुहूर्त, गणेश मंत्र

गणेश जी का पूजन करते हुए निम्‍न बातों का ध्‍यान रखें.

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– गणेश जी जहां स्‍थापित हों, उनके उलटे हाथ की तरफ जल से भरा कलश चावल या गेहूं के ऊपर स्थापित करना चाहिए. Also Read - Sankashti Chaturthi Vrat 2020: फाल्‍गुन में इस दिन संकष्टि चतुर्थी व्रत, जानें महत्‍व, पूजन विधि...

– गणेश जी को धूप व अगरबत्ती लगाएं.

– कलश के मुख पर मौली बांधनी चाहिए. नारियल कलश के मुख पर रखें.

– नारियल की जटाएं सदैव ऊपर रहनी चाहिए.

– घी और चंदन को ताम्बे के कलश में नहीं रखना चाहिए.

– गणेश जी के स्थान के सीधे हाथ की तरफ घी का दीपक एवं दक्षिणावर्ती शंख रखना चाहिए.

– गणेश जी को प्रतीक्षा करना कतई पसंद नहीं है. इसलिए उन्‍हें समयानुसार प्रसाद चढ़ाएं.

Sankashti Chaturthi

 

पूर्णिमा के बाद आने वाली चतुर्थी को संकष्टी चतुर्थी कहा जाता है. इस माह संकष्टि चतुर्थी व्रत 12 मार्च, गुरुवार को है. इस दिन सुबह उठ जाना चाहिए. स्‍नान के बाद भगवान गणेश का ध्‍यान करें. व्रत का संकल्‍प लें. इस दिन लाल रंग का वस्त्र धारण करना बेहद शुभ माना जाता है. स्नान के बाद गणपति की पूजा करें. उन्‍हें फूल अर्पित करें. शुभ मुहूर्त काल में पूजा में तिल, गुड़, लड्डू, फूल, धूप, चन्दन, केला या नारियल अर्पित करें. गणपति को रोली लगानी चाहिए.