Sankashti Chaturthi 2021: हिंदू मान्याओं के अनुसार संकष्टी चतुर्थी का विशेष महत्व है और इस दिन भगवान गणेश जी का पूजन किया जाता है. कहा जाता है कि इस दिन गणेश जी की विधि-विधान से पूजा की जाए तो आपकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं. सकंष्टी चतुर्थी कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष के चौथे दिन मनाई जाती है. आइए जानते हैं इस बार कब मनाई जाएगी संकष्टी चतुर्थी, शुभ मुहुर्त और इसकी पूजन विधि.Also Read - Ganesh Chaturthi 2020: गाय के गोबर से बनाए गए गौरी-गणेश, पर्यावरण संरक्षण का संदेश

इस दिन है संकष्टी चतुर्थी
हिंदु कैलेंडर के अनुसार आश्विन मास की शुरुआत हो गई है और आश्विन मास की संकष्टी चतुर्थी 24 सितंबर यानि कल मनाई जाएगी. यह चतुर्थी एक मास में दो बार आती है और इसमें गणेश जी का पूजन किया जाता है. कृष्ण की चतुर्थी को सकंष्टी गणेश चुतर्थी कहा जाता है और शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को विनायक चतुर्थी के नाम से जाना जाता है. Also Read - Ganesh Chaturthi 2020: बप्पा की कैसी मूर्ति लाना शुभ, जानें पूजन विधि, इन दो चीजों से खुश होते हैं भगवान गणेश...

संकष्टी चतुर्थी शुभ मुहुर्त
अश्विन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी 24 सितंबर के दिन यानि शुक्रवार को प्रात: 08 बजकर 29 मिनट पर प्रारंभ होगी. इसका समापन 25 सितंबर के दिन शनिवार को प्रात: 10 बजकर 36 मिनट पर होगा. इ​स दिन राहुकाल का ध्यान रखकर गणेश की पूजा अर्चना करें. राहुकाल 24 सितंबर को दिन में 10 बजकर 42 मिनट से दोपहर 12 बजकर 13 मिनट तक रहेगा.

संकष्टी चतुर्थी पूजा विधि
संकष्टी चतुर्थी के दिन व्रत करने वाले लोग सुबह जल्दी उठकर स्नान करके साफा वस्त्र पहनें. इस दिन लाल रंग के वस्त्र पहनना शुभ माना जाता है. इसके बाद गणपति भगवान की पूरी शुरू करेग. पूजा के लिए जातक का मुख पूर्व या उत्तर दिशा की ओर होना चाहिए. फिर गणपति जी को फूलों की माला से सजाएं. पूजा में तांबे के बर्तन में पानी, तिल, गुड़, लड्डू, धूप, चंदन और प्रसान के तौर पर केला नारियल रखें. गणपति को रोली लगाएं और फिर फिर फूल व जल अर्पित करें. इसके बाद मोदक व लड्डू का भोग चढ़ाएं. ध्यान रखें कि इस पूजा में देवी दुर्गा की मूर्ति को अपने पास रखना शुभ माना जाता है. यह व्रत रात को चंद्रम को देखकर खोला जाता है.

संकष्टी चतुर्थी का महत्व
हिंदुओं मान्याओं के अनुसार संकष्टी चतुर्थी के दिन भगवान गणपति की विधि विधान से पूजा करने से घर से नकारात्मक प्रभाव दूर होते हैं. भगवान गण​पति घर की सारी विपदाओं को दूर करते हैं और आपकी मनोकामना भी पूर्ण करते हैं.