संकष्टी चतुर्थी 2018: ऐसी मान्‍यता है क‍ि ज‍िस काम की शुरुआत भगवान गणेश के नाम से होती है, उसमें सफलता जरूर म‍िलती है. इस महीने की शुरुआत भगवान गणपत‍ि की संकष्‍टी चतुर्थी से हो रही है. ऐसे में जुलाई का महीना गणेश भक्‍तों के लि‍ए अच्‍छा रहने वाला है.

इस महीने संकष्‍टी चतुर्थी रव‍िवार यानी 1 जुलाई को मनाई जा रही है. संकष्टी चतुर्थी का दिन भगवान गणपति को समर्पित है और इस दिन भगवान गणेश की विधि-विधान से पूजन करने पर सारी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और सारे कष्ट दूर हो जाते हैं.

व्रत विधि:-

गणपति के भक्त इस दिन व्रत रखते हैं और चंद्र दर्शन के बाद उपवास तोड़ते हैं. व्रत रखने वाले जातक फलों का सेवन कर सकते हैं. साबूदाना की खिचड़ी, मूंगफली और आलू भी खा सकते हैं.

पंडित विनोद मिश्र के अनुसार संकष्टी चतुर्थी संकटों को खत्म करने वाली चतुर्थी है. ऐसा माना जाता है कि अगर किसी माह में संकष्टी चतुर्थी यदि मंगलवार के दिन आ रही हो तो विशेष रूप से लाभदायी मानी जाती है. अगर संकष्टी चतुर्थी मंगलवार को पड़ती है तो इसे अंगारकी संकष्टी चतुर्थी के नाम से जाना जाता है.

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पूजा का शुभ मुहूर्त

पूजन मुहूर्त: शाम 5:54 बजे से पूजा का मुहूर्त. इससे पहले भद्रा है.

चंद्र दर्शन मुहूर्त: रात 21:42 बजे पर होगा चंद्रोदय, इसी समय पर अर्घ्य दे सकते हैं. इसके बाद उपवास तोड़ सकते हैं.

पूजन विधि

1. सबसे पहले सुबह स्नान कर साफ और धुले हुए कपड़े पहनें. पूजा के लिए भगवान गणेश की प्रतिमा को ईशानकोण में चौकी पर स्थापित करें. चौकी पर लाल या पीले रंग का कपड़ा पहले बिछा लें.

2. भगवान के सामने हाथ जोड़कर पूजा और व्रत का संकल्प लें और फिर उन्हें जल, अक्षत, दूर्वा घास, लड्डू, पान, धूप आदि अर्पित करें. अक्षत और फूल लेकर गणपति से अपनी मनोकामना कहें, उसके बाद ओम ‘गं गणपतये नम:’ मंत्र बोलते हुए गणेश जी को प्रणाम करें.

3. इसके बाद एक थाली या केले का पत्ता लें, इस पर आपको एक रोली से त्रिकोण बनाना है.

4. त्रिकोण के अग्र भाग पर एक घी का दीपक रखें. इसी के साथ बीच में मसूर की दाल व सात लाल साबुत मिर्च को रखें.

5. पूजन उपरांत चंद्रमा को शहद, चंदन, रोली मिश्रित दूध से अर्घ्य दें. पूजन के बाद लड्डू प्रसाद स्वरूप ग्रहण करें.

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अलग-अलग कष्टों के निवारण के लिए चढ़ावा

भौतिक सुखों की प्राप्ति हेतु गणेश जी पर बेल फल चढ़ाएं. पारिवारिक विपदा से मुक्ति के लिए गणेश जी पर चढ़े गोलोचन से घर के मेन गेट पर तिलक करें. रुके मांगलिक कार्य संपन्न करने के लिए शक्कर मिली दही में छाया देखकर गणपति पर चढ़ाएं.