Sawan 1st Mangla Gauri Vrat 2021: सावन का पहला मंगला गौरी व्रत 27 जुलाई, मंगलवार को है. जिस तरह सावन के सोमवार पर भगवान शिव का पूजन किया जाता है, उसी तरह मंगलवार के दिन मां गौरी का पूजन होता है. सावन माह के मंगलवारों पर मां गौरी का पूजन विशेष फलदायी बताया गया है.Also Read - Sawan 2021 Rashifal: इन 5 राशियों के जीवन में सुख भर रहा है सावन, मिल रही भगवान शिव की कृपा

मंगला गौरी व्रत का महत्व
इस व्रत को करने वाले के वैवाहिक जीवन की हर समस्या खत्म होती है. जो लोग संतान सुख चाहते हैं, उन्हें संतान सुख प्राप्त होता है. ये व्रत सुहागिनें रखती हैं क्योंकि इसे अखंड सौभाग्य देने वाला व्रत कहा गया है. Also Read - Sawan 2021 Mehendi Design: सावन के महीने में हाथों पर लगाएं मेहंदी के ये लेटेस्ट डिजाइन

मंगली गौरी व्रत पूजन विधि
सूर्योदय से पूर्व उठना चाहिए. साफ-सुधरे वस्त्र पहनें. लाल कपड़ा बिछाकर मां गौरी की प्रतिमा स्थापित कर पूजन करें. पूजा में माता पार्वती को 16 श्रृंगार का सामान अवश्य अर्पित करें. भोग अर्पित करें. Also Read - Bihar News: बिहार के जदयू विधायक की दबंगई- 'लाठी पार्टी के विधायक हैं, गर्दा उड़ा देंगे...' देखें Viral Video

मंगला गौरी व्रत 2021 विशेष योग
सावन के पहला मंगला गौरी व्रत पर शोभन योग बन रहा है. शोभन योग का अर्थ है शुभ कार्यों के लिए श्रेष्ठ समय. शोभन योग मंगलवार रात 09:11 बजे तक रहेगा.

पूजन का शुभ मुहूर्त
मंगलवार को अभिजित मुहूर्त दोपहर 12 बजे से 12:55 बजे तक है. इसके बाद विजय मुहूर्त दोपहर 02:43 बजे से दोपहर 03:38 बजे तक का है.

राहुकाल दोपहर 03:51 बजे से शाम 05:33 बजे तक है. राहुकाल में शुभ काम नहीं करने चाहिए.