सावन का महीना पावन माना गया है. मान्यता है कि जो लोग इस महीने में भोलेनाथ की पूजा करते हैं, भगवान शिव उनकी हर मनोकामना पूर्ण करते हैं. यह महीना शिव भक्ति को समर्पित है. इस पूरे महीने मंदिरों में शिव भक्तों की भीड़ लगी रहती है.

यह महीना भक्ति का है, इसलिए शास्त्रों में कुछ ऐसे काम बताए गए हैं, जो इस महीने में नहीं करने चाहिए. जो लोग ऐसा करते हैं वह हमेशा परेशानियों से घिरे रहते हैं और उन पर भगवान शंकर की कृपा नहीं होती. ऐसा सिर्फ धार्मिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि वैज्ञानिक दृष्टि से भी माना गया है.

1. शिवलिंग पर हल्दी ना चढ़ाएं: सावन के महीने में भूलकर भी शिवलिंग पर हल्दी का चढ़ावा नहीं चढ़ाना चाहिए. हल्दी मां पार्वती को चढ़ाई जाती है.

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2. दूध का सेवन ना करें: सावन के महीने में हरियाली ज्यादा होती है और साथ ही कीड़े मकौड़े भी. ऐसे में गाय भैंस जब हरी घास खाती हैं तो साथ में कीड़े भी खा लेती हैं. इसलिए कहा जाता है कि सावन में दूध नहीं पीना चाहिए. इससे वाद रोग बढ़ जाता है.

3. हरी साग ना खाएं: सावन में साग खाना वर्जित होता है. क्योंकि इसमें कीट छिपे होते हैं और यह वाद पैदा भी करता है.

4. बैंगन का सेवन ना करें: सावन में बैंगन में भी कीड़े ज्यादा लगते हैं. हालांकि शास्त्रों में कार्तिक मास का व्रत रखने वाले लोगों के लिए बैंगन का सेवन वर्जित बताया गया है.

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5. बुरे विचार: मन में बुरे विचार ना लाएं. खासतौर से एक महिला के लिए मन में कोई बुरे विचार ना रखें. ऐसा करने से आपका मन शिव भक्ति में नहीं लगेगा और आप मानसिक रूप से शांत नहीं रह पाएंगे. भगवान शंकर को ऐसे भक्त जल्दी प्रसन्न कर लेते हैं जो सदैव स्त्रियों का सम्मान करते हैं.

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