Sawan 4th Somvar 2021:  महामृत्युंजय मंत्र को मृत्यु को जीतने वाला मंत्र कहा जाता है. हिंदू धर्म में महामृत्युंजय मंत्र को काफी फलदायक माना जाता है. माना जाता है कि रोजाना इस मंत्र का जाप करने से आयु बढ़ती है. यह मंत्र बीमारियों को दूर भगाने वाला भी माना जाता है. 16 अगस्त 2021 को सावन का चौथा और आखिरी सोमवार है. ऐसे में आप इस दिन महामृत्युंजय मंत्र का जाप कर सकते हैं. आइए जानते हैं महामृत्युंजय मंत्र का जाप करने के फायदे और सही तरीके के बारे में-

संपूर्ण महामृत्युंजय मंत्र

ॐ हौं जूं सः ॐ भूर्भुवः स्वः ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् उर्वारुकमिव बन्धनान्मृ त्योर्मुक्षीय मामृतात् ॐ स्वः भुवः भूः ॐ सः जूं हौं ॐ.

महामृत्‍युंजय मंत्र का अर्थ

इस पूरे संसार के पालनहार, तीन नेत्र वाले भगवान शिव की हम पूजा करते हैं. इस पूरे विश्‍व में सुरभि फैलाने वाले भगवान शंकर हमें मृत्‍यु के बंधनों से मुक्ति प्रदान करें, जिससे कि मोक्ष की प्राप्ति हो जाए.

कितनी बार करना चाहिए जाप?
पंडितों की मानें तो महामृत्युंजय मंत्र का जाप कम से कम सवा लाख बार करना चाहिए. मगर, आप 108 बार इसका जाप कर सकते हैं.

इस मंत्र का जाप करने के फायदे

आकाल मृत्यु से बचाता है
वैदिक शास्त्रों के अनुसार, सवा लाख बार इसका जाप करने से समय से पहले होने वाली मौत का खतरा टल जाता है. वहीं, कुंडली में अगर कम आयु, गंभीर बीमारी या दुर्घटना का योग है तो वो भी इससे टल जाएगा. हालांकि वैज्ञानिक इसे मिथ बताते हैं.

सकारात्मक ऊर्जा
रोजाना इस मंत्र का जाप करने से शरीर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है. इससे आप डिप्रेशन, तनाव जैसी बीमारियों से बचे रहते हैं.

अच्छे स्वास्थ्य के लिए
सुबह स्नान करने के बाद रुद्राक्ष की माला से 108 बार इस मंत्र का जाप करें. इससे बीमारियां आपके आस-पास भी नहीं फटकेगी.