Sawan Shivratri 2018 Date and Time: श्रावण मास में आने वाली श‍िवरात्र‍ि का खास महत्‍व है. ऐसी मान्‍यता है क‍ि इस दि‍न यद‍ि पूरे व‍िध‍ि व‍िधान से भगवान शंकर की पूजा की जाए और व्रत रखा जाए तो मोक्ष की प्राप्‍त‍ि होती है और कई यज्ञों का फल प्राप्‍त होता है तथा जीवन में सुख-समृद्ध‍ि की कोई कमी नहीं होती. Also Read - Happy Shivratri 2018 Wishes: अपने खास दोस्‍तों को भेजें श‍िवरात्र‍ि की Wishes, Quotes, SMS और GIFs, दें शुभकामनाएं

इस द‍िन व्रत रखने की परंपरा है. ऐसी मान्‍यता है क‍ि इस द‍िन यद‍ि पुरुष व्रत रखें तो उन्‍हें धन-दौलत, यश और कीर्त‍ि प्राप्‍त होता है और मह‍िलाएं इस व्रत को रखें तो सौभाग्‍य का वरदान प्राप्‍त होता है. कुंवारी कन्‍याओं को सुयोग्‍य एवं सुंदर जीवन साथी प्राप्‍त होता है और ज‍िन मह‍िलाओं को संतान सुख प्राप्‍त नहीं है, उन्‍हें संतान प्राप्‍त‍ि होती है.

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श्रावण मास की श‍िवरात्र‍ि की तारीख और शुभ मुहूर्त :

साल में 12 से 13 श‍िवरात्र‍ि आती है. हर महीने आने वाली श‍िवरात्र‍ि को मास‍िक श‍िवरात्र‍ि कहा जाता है. श्रावण मास में आने वाली श‍िवरात्र‍ि को श्रावणी श‍िवरात्रि‍ के नाम से जाना जाता है. इस बार श्रावण की श‍िवरात्र‍ि गुरुवार 9 अगस्‍त को है. श‍िवरात्र‍ि पर भगवान शंकर की पूजा का सबसे शुभ समय होता है नि‍श‍िता काल यानी मध्‍य रात्र‍ि. इसल‍िए भक्‍तों को भगवान शंकर की पूजा मध्‍य रात्र‍ि में करना चाह‍िए.

श्रावणी शिवरात्रि त‍िथ‍ि कब से शुरू: 8 अगस्त को रात्रि के 12 बजकर 09 मिनट से 9 अगस्त को दोपहर के 1 बजकर 2 मिनट तक है.

प्रदोष ति‍थ‍ि कब से शुरू: शाम 7 बचकर 1 मिनट से रात के 9 बजकर 11 मिनट तक है. शिव जी का रुद्राभिषेक प्रदोष काल में करने पर हर मनोकामना पूरी होती है.

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