Shab-e-Barat 2020: पूरे देश में लॉकडाउन चल रहा है. बाहर निकलने पर पाबंदी है. प्रमुख त्योहारों को लोग घर पर ही मना रहे हैं. Also Read - लॉकडाउन 4.0 के लास्ट फेज में मनीष मल्होत्रा ने इन शहरों में खोली स्टोर्स, कहा-भलाई के लिए है! 

इस साल 9 अप्रैल को पूरे देश में शब-ए-बारात मनाया जाएगा. इस पर्व के पहले मंत्री और धर्म गुरु लोगों से अपील कर रहे हैं. Also Read - इस राज्य में लॉकडाउन 4.0 के बाद एक जून से खुल सकते हैं मंदिर, मस्जिद और गिरजाघर, सरकार बना रही रणनीति

केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी समेत मुस्लिम धर्म गुरुओं और संगठनों ने इस दौरान घर पर ही रहकर इबादत करने की अपील की है. मुस्लिम मजहब के लोग शब-ए-बारात को बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाते हैं इसकी पूरी तैयारियां भी की जाती है. घरों में पकवान से लेकर मस्जिदों और संस्थानों में सजावट के लिए लाइट्स भी लगाई जाती है, लेकिन इस साल कोरोना संकट की वजह से माहौल अलग है. Also Read - कोरोना से बिगड़े आर्थिक हालात, चीन को छोड़कर उभरती अर्थव्यवस्थाओं में चालू वित्त वर्ष में 4.5 प्रतिशत की आएगी गिरावट : फिच रेटिंग्स

केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा, “अधिकांश धर्म गुरूओं, धार्मिक-सामाजिक संगठनों ने शब-ए-बारात के दिन पूरी तरह से लॉकडाउन का ईमानदारी से पालन करने की अपील की है. सेन्ट्रल वक्फ काउंसिल के जरिए निर्देश दिया गया है कि सभी राज्यों के वक्फ बोर्ड लॉकडाउन, सोशल डिस्टेंन्सिंग के दिशा-निर्देशों का पालन कराने में प्रशासन की मदद करें और लोगों से शब-ए-बारात के दिन घरों में ही इबादत के लिए अपील करें.”

नकवी ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अपील पर लॉकडाउन एवं सोशल डिस्टेंन्सिंग का देश गम्भीरता से पालन कर रहा है. हमारी किसी भी तरह की लापरवाही हमारे परिवार, पूरे समाज और राष्ट्र के लिए परेशानी बढ़ा सकती है.”

जामा मस्जिद के शाही इमाम अहमद बुखारी ने कहा, “शब-ए- बरात का मकसद है कि लोग इबादत करें, कहीं ये हुक्म नहीं है मस्जिद में जाकर या फिर सड़को पर निकल कर इबादत करें. इस मुबारक रात में आप अपने घरों में ही शब्बेदारी कीजिए और दुआएं मांगे. ज्यादा से ज्यादा लोग एहतियात बरतें. जामा मस्जिद में हजारों लोग शब-ए-बारात के दिन मस्जिद में होते हैं, बाहर भी काफी लोग होते हैं और नारेबाजी भी करते हैं, लेकिन इस वक्त इन सभी चीजों से परहेज करने की जरूरत है. कोरोनावायरस में हम सबको संभलकर रहने की जरूरत है, क्योंकि यह पूरे देश में फैला हुआ है.”

जमीयत उलेमा हिंद के महासचिव मौलाना महमूद मदनी ने भी शब-ए-बारात के अवसर पर सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने की अपील की है.
(एजेंसी से इनपुट)