Shani Amavasya 2021 Date: हिंदू धर्म में अमावस्या तिथि का खास महत्व होता है. अमावस्या (Amavasya 2021) के दिन पवित्र नदियों में स्नान किया जाता है साथ ही इस दिन दान करना भी काफी शुभ माना जाता है. शनिवार के दिन पड़ने वाली अमावस्या को शनि अमावस्या (Shani Amavasya Kab Hai) के नाम से जाना जाता है. इस बार शनि अमावस्या 4 दिसंबर 2021 को मनाई जाएगी. हिंदू धर्म में शनि अमावस्या का खास महत्व होता है. इस दिन शनिदेव (Shanidev) की पूजा करने से भक्तों को विशेष फल प्राप्त होता है.Also Read - Shani Amavasya 2021: शनि अमावस्या आज, रात के समय कर लें शनिदेव से जुड़े ये उपाय, इन परेशानियों से मिल जाएगी छुटकारा

शनि अमावस्या मुहूर्त (Shani Amavasya 2021 Shubh Muhurat)

मार्गशीर्ष या अगहन माह की अमावस्या तिथि 04 दिसंबर को पड़ रही है. अमावस्या तिथि 03 दिसंबर को शाम 04 बजकर 56 मिनट से शुरू हो कर 04 दिसंबर को दोपहर में 01 बजकर 13 मिनट तक रहेगी. इस दिन शनिवार होने के कारण शनैश्चरी अमावस्या का संयोग बन रहा है. साथ ही इस दिन साल का अंतिम सूर्य ग्रहण भी लगने जा रहा है. Also Read - एक ही दिन पड़ रहे हैं सूर्य ग्रहण और शनि अमावस्या, संकट से बचने के लिए इन बातों का रखें खास ख्याल

शनि अमावस्या पर करें ये खास उपाय (Shani Amavasya upay In Hindi)

शमी के वृक्ष की पूजा- माना जाता है कि शनि देव को शमी का वृक्ष प्रिय है. शनि दोष से छुटकारा पाने के लिए शमी के वृक्ष की पूजा करनी चाहिए. शनिवार के दिन शाम को शमी के पेड़ के पास दीपक जलाने से लाभ मिलता है. Also Read - Surya Grahan 2021: इतने घंटे का होगा साल का आखिरी सूर्य ग्रहण, जानें इससे जुड़ी सभी जरूरी चीजें

हनुमान जी की पूजा- माना जाता है कि शनि देव और हनुमान जी परममित्र हैं. शनिवार के दिन हनुमान जी की पूजा करने से शनिदेव प्रसन्न होते हैं. ऐसा करने से शनि दोष से छुटकारा मिलता है.

शिव भगवान की पूजा- भगवान शिव की आराधना करें. कहते हैं शनि ग्रह से शुभ फल पाने के लिए शिव की उपासना एक सिद्ध उपाय है. नियमपूर्वक शिव सहस्त्रनाम या शिव के पंचाक्षरी मंत्र का पाठ करने से शनि के प्रकोप का भय जाता रहता है और सभी बाधाएं दूर होती हैं.

पीपल के पेड़ की पूजा- ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक, शनि देव को प्रसन्न करने के लिए पीपल के वृक्ष को सबसे फलदायी माना जाता है. कहते हैं कि पीपल के पेड़ में सभी देवताओं का वास होता है. शनि देव के दुष्प्रभाव से बचने के लिए शनिवार के दिन पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाना चाहिए. कहते हैं कि ऐसा करने से शनिदोष खत्म होता है.