Shani Amavasya 2025 Do These Remedies On Shani Amavasya To Remove Pitra Dosha Upay In Hindi
Shani Amavasya 2025: शनि अमावस्या के दिन करें ये सरल उपाय, दूर होगा पितृ दोष, प्रसन्न होंगे शनिदेव
Shani Amavasya Upay in Hindi: यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में पितृ दोष है या वह शनि दोष से परेशान है तो उसे शनि अमावस्या के दिन शनिदेव का पूजन करने के साथ ही कुछ उपाय भी अपनाने चाहिए.
Shani Amavasya Upay in Hindi: हिंदू धर्म ग्रंथों में शनिदेव का कर्मों का देवता कहा गया है और वह व्यक्ति को उसके कर्मों के आधार फल देते हैं. जिस व्यक्ति पर शनिदेव की कुदृष्टि पड़ जाए उसे जीवन में कई मुश्किलों का सामना करना पड़ता है. वहीं जिस पर शनिदेव की कृपा होती है उसके सभी बिगड़े काम बनने लगते हैं. इसलिए प्रत्येक शनिवार के दिन शनिदेव की पूजा का विशेष महत्व माना गया है. इसके अलावा शनि अमावस्या के दिन यदि विधि-विधान से शनिदेव का पूजन किया जाए तो कुंडली में मौजूद कई दोषों से मुक्ति मिलती है. साथ ही पितर दोष भी दूर होता है. आइए जानते हैं कब है शनि अमावस्या और इस दिन कौन-से उपाय करने चाहिए?
शनि अमावस्या 2025 कब है? (Shani Amavasya Kab Hai)
वैदिक पंचांग के अनुसार चैत्र माह की अमावस्या तिथि 28 मार्च को शाम 6 बजकर 43 मिनट पर शुरू होगी और 29 मार्च को शाम 4 बजकर 33 मिनट पर समाप्त होगी. उदयातिथि के अनुसार अमावस्या का पूजन 29 मार्च को किया जाएगा. बता दें कि जब अमावस्या शनिवार के दिन पड़ती है तो उसे शनि अमावस्या कहा जाता है.
शनि अमावस्या को शनिश्चरी अमावस्या भी कहते हैं और इस दिन काली गाय की पूजा करना शुभ होता है. लेकिन ध्यान रखें कि गाय बिल्कुल काली होनी चाहिए उस पर कोई दूसरे रंग का निशान न हो. काली गाय की पूजा करते समय उसे 8 बूंदी के लड्डू खिलाएं और 7 बार परिक्रमा करें. इससे जीवन में आ रहे सभी कष्ट दूर होते हैं और सौभाग्य प्राप्त होता है.
शनि अमावस्या के दिन शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए शनि मंदिर में जाकर सरसों के तेल का दीपक जलाएं और उसमें कुछ दाने काले तिल के मिलाएं. इससे कार्यों में आ रही बाधाएं दूर होती है. साथ ही पितर दोष का प्रभाव भी कम होता है.
शनि अमावस्या के दिन शनिदेव की पूजा के बाद नवग्रह का भी पूजन करना शुभ माना गया है. इसके साथ ही शनि चालीसा व शनि मंत्रों का पाठ करें. इस उपाय को करने से व्यक्ति की कुंडली में मौजूद शनिदोष दूर होते हैं.
शनि अमावस्या के दिन पीपल के पेड़ का भी पूजन जरूर करना चाहिए. इस दिन सुबह पीपल के पेड़ की जड़ में दूध व जल अर्पित करें. फिर पीपल के 5 पत्ते लेकर उस पर 5 मिठाईयां रखें और घी का दीपक जलाएं. फिर पीपल के पेड़ की 7 परिक्रमा लगाएं. इस उपाय को करने से कुंडली में मौजूद पितर दोष से मुक्ति मिलती है.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई सभी जानकारियां सामाजिक और धार्मिक आस्थाओं पर आधारित हैं. India.Com इसकी पुष्टि नहीं करता. इसके लिए किसी एक्सपर्ट की सलाह अवश्य लें.
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