Sharad Purnima kab hai: साल भर में आने वाली हर पूर्णिमा पर व्रत किया जाता है. पर, शरद पूर्णिमा का इनमें विशेष महत्व है. ये ऐसी पूर्णिमा मानी गई है, जब आकाश से अमृत वर्षा होती है. Also Read - शरद पूर्णिमा 2018: कोजागरी पूर्णिमा आज, चंद्रमा की किरणों से बरसेगा अमृत, दूर होंगे सभी रोग

कब होती है शरद पूर्णिमा
अश्विन मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को शरद पूर्णिमा कहा जाता है. इसे रास पूर्णिमा, कोजागिरी पूर्णिमा या कौमुदी व्रत भी कहा जाता है. Also Read - Happy Kojagiri Purnima 2018: अपने दोस्तों और रिश्तेदारों को भेजें ये Photos, दें शरद पूर्णिमा की शुभकामनाएं

शरद पूर्णिमा 2020 कब है
पूर्णिमा आरम्भ: अक्टूबर 30, 2020 को 17:47:55 से
पूर्णिमा समाप्त: अक्टूबर 31, 2020 को 20:21:07 पर.
इस साल शरद पूर्णिमा 30 अक्टूबर, शुक्रवार को है. कहते हैं कि इस दिन चंद्रमा की चांदनी में रखी हुई खीर खाने से शरीर की रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ती है. Also Read - शरद पूर्णिमा 2018: खुले आसमान के नीचे रखी जाती है खीर, शरद पूर्णिमा के दिन खीर कैसे बनाई जाती है, जानिये विधि

शरद पूर्णिमा का महत्व
पुराणों में कहा गया है कि पूरे साल में केवल इसी दिन चंद्रमा 16 कलाओं से युक्त होता है. यही कारण है कि आसमान से अमृत बरसता है.

इस दिन शाम के समय खीर बनाई जाती है और फिर रात को चंद्रमा की रौशनी में रख दी जाती है. इस खीर का सेवन अगले दिन सुबह प्रसाद की तरह किया जाता है.

मान्यता यह भी है कि इस दिन पूर्णिमा का व्रत रखने और पूजन करने वाले व्यक्ति को रोगों से मुक्ति मिलती है और उम्र लंबी होती है.