Shardiya Navratri 2019: शारदीय नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा का पूजन किया जाता है. मां दुर्गा के पूजन के पहले घटस्‍थापना या कलश स्‍थापना का विधान है.

इस बार शारदीय नवरात्रि का आरंभ 29 सितंबर, रविवार से हो रहा है. इसी दिन कलश स्‍थापना की जाएगी. इस दौरान कई ऐसे नियम हैं, जिनका पालन करना जरूरी होता है.

कलश स्थापना के 7 नियम

-कलश स्थापना हमेशा शुभ मुहूर्त में करें.

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-कलश स्थापना करने के लिए पूजन स्थल से अलग एक पाटे पर लाल व सफेद कपड़ा बिछाएं. इस पर अक्षत से अष्टदल बनाकर इस पर जल से भरा कलश स्थापित करें.

-कलश का मुंह खुला ना रखें, उसे किसी चीज से ढक देना चाहिए. कलश को किसी ढक्कन से ढका है, तो उसे चावलों से भर दें और उसके बीचों-बीच एक नारियल भी रखें.

-अगर कलश की स्थापना कर रहे हैं, तो दोनों समय मंत्रों का जाप करें, चालीसा या सप्तशती का पाठ करना चाहिए.

-पूजा करने के बाद मां को दोनों समय भोग लगाएं, सबसे सरल और उत्तम भोग हैं लौंग और बताशा.

-मां के लिए लाल फूल सर्वोत्तम होता है, पर मां को आक, मदार, दूब और तुलसी बिल्कुल ना चढ़ाएं.

-नवरात्रि के दौरान पूरे नौ दिन तक अपना खान-पान और आहार सात्विक रखें.

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नवरात्रि में शुभ योग
30 सितंबर को अमृत सिद्धि योग, 1 अक्टूबर को रवि योग, 2 तारीख को अमृत, सिद्धि, 3 को सर्वार्थ सिद्धि, 4 को रवि योग, 5 को रवि योग, 6 को सर्वसिद्धि योग रहेगा.

किस दिन किस देवी की पूजा
पहले दिन शैलपुत्री, दूसरे दिन ब्रह्मचारिणी, तीसरे दिन चंद्रघंटा, चौथे दिन कुष्मांडा, पांचवें दिन स्कंदमाता, छठे दिन कात्यानी, सातवें दिन कालरात्रि, आठवें दिन महागौरी, नवें दिन सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है.

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