Shardiya Navratri 2019 के नवें दिन नवदुर्गा के सिद्धिदात्री स्वरूप की पूजा की जाती है. मां सिद्धिदात्री समस्त वरदानों और सिद्धियों को देने वाली मां हैं.

मां का स्‍वरूप
मां कमल के पुष्प पर विराजमान हैं और इनके हाथों में शंख, चक्र, गदा और पद्म है. यक्ष, गंधर्व, किन्नर, नाग, देवी-देवता और मनुष्य सभी इनकी कृपा से सिद्धियों को प्राप्त करते हैं.

महत्‍व
कहा जाता है कि इस दिन मां सिद्धिदात्री की उपासना से नवरात्रि के 9 दिनों का फल भक्त को प्राप्त हो जाता है. इसी दिन महानवमी की पूजा भी की जाती है. इसको करने से जीवन में सफलता और विजय प्राप्त होती है.

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सिद्धिदात्री पूजन विधि:

– कलश की पूजा करें और सभी देवी देवताओं की पूजा करें.
– इसके बाद मां सिद्धिदात्री के मंत्रों का जाप करते हुए पूजन करें. मां के इस मंत्र का जाप करें सिद्धगन्‍धर्वयक्षाद्यैरसुरैरमरैरपि,
सेव्यमाना सदा भूयात सिद्धिदा सिद्धिदायिनी
– इस दिन मां सिद्धिदात्री को नौ प्रकार के पुष्प और नौ प्रकार के फल चढ़ाएं जाते हैं. नवरस युक्त भोजन और नवाह्न प्रसाद होता है.
– मां सिद्धिदात्री की आरती करें.
– कन्याओं का पूजन करें और उन्हें भोजन कराएं.
– हवन करें. मां सिद्धदात्री की पूजा में हवन करने के लिए दुर्गा सप्तशती के सभी श्लोकों का प्रयोग किया जा सकता है.

नवरात्रि
नवरात्रि के नौ दिनों के दौरान मां के नौ रूपों की पूजा की जाती है. ऐसी मान्यता है कि मां दुर्गा इस दौरान अपने भक्तों की पुकार जरूर सुनती हैं और उनकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं.

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