नई दिल्ली:   कोरोना महामारी के चलते जहां मार्च से सभी मंदिर बंद हैं वहीं, इसका असर शिरडी के साईंबाबा मंदिर पर भी देखा गया है. कोरोना के चलते ही महाराष्ट्र का शिरडी साईंबाबा मंदिर 12 मार्च से भक्तों के लिए बंद है. बंद होने के कारण मंदिर में चढ़ने वाले चढ़ावे में काफी कमी देखी गई है. मंदिरों में आने वाले भक्तों द्वारा चढ़ाए गए चढ़ावे से ही काम चलता है. महाराष्ट्र के शिरडी में बना साईं बाबा का मंदिर देश के सबसे प्रसिद्ध और मान्यता प्राप्त मंदिरों में से एक है. Also Read - हाय रे! कोरोना वायरस, ये तूने क्या किया....दुल्हन ने लगाया इल्जाम, पति नहीं काबिल, दूल्हे ने दिया प्रूफ-मर्द हूं मैं

आपको बता दें कि जब स्थिति सामान्य थी उस समय किसी भी तरह के पर्व में यहां काफी चढ़ावा चढ़ाया जाता था. खासतौर पर रामनवमी, गुरुपुर्णिमा, और दशहरा में भक्त जी भरकर चढ़ावा चढ़ाते थे. इस दौरान मंदिर में 4 करोड़ तक का चढ़ावा इकट्ठा हो जाता था. लेकिन इस साल कोरोना महामारी के चलते इन तीन दिनों में साईंबाबा के मंदिर में भक्तों ने केवल 38 लाख 10 हजार 836 रुपये का चढावा चढाया. Also Read - Home Isolation Tips: घर में है कोरोना का मरीज तो बरतें ये जरूरी सावधान‍ियां, इस तरह बचें संक्रमण से

बता दें कि भक्तों के लिए मंदिर बंद होने के कारण इस साल ऑनलाइन चढ़ावा चढ़ाया गया. ऑनलाइन चढ़ाए गए चढ़ावे में 28 लाख 63 हजार रुपए का दान किया गया. वहीं रामनवमी, गुरुपुर्णिमा, और दशहरा में मंदिर परिसर में स्थापित डोनेशन बॉक्स में 4 लाख 58 हजार का दान दिया गया. जबकि 90 हजार 900 रुपए की 1515 ग्राम चांदी भी साईंबाबा के चरणों में चढ़ाई गई. 42 हजार 826 रुपए की फॉरेन करंसी भी बाबा के चरणों में चढ़ाई गई. दशहरे पर निकलने वाली भिक्षा झोली में 2 लाख 85 हजार रुपए के अलग-अलग तरह के अनाज चढ़ाए गए जबकि भर्तों ने 70 हजार 308 रुपए दान में दिए. Also Read - इस राज्य में मास्क न पहनने पर कोरोना मरीजों की कराई जाएगी देखभाल, हाईकोर्ट से सरकार को मिला आदेश