Shiv Navratri 2025: सिर्फ उज्जैन के महाकाल मंदिर में ही क्यों मनाई जाती है शिव नवरात्रि? जानिए इस खास परंपरा का महत्व

Shiv Navratri 2025: उज्जैन में महाशिवरात्रि से पहले शिव नवरात्रि का पर्व मनाया जाता है और इस दौरान महाकाल को दूल्हे की तरह सजाया जाता है.

Published date india.com Published: February 10, 2025 5:22 PM IST
Shiv Navratri 2025: सिर्फ उज्जैन के महाकाल मंदिर में ही क्यों मनाई जाती है शिव नवरात्रि? जानिए इस खास परंपरा का महत्व

Shiv Navratri 2025: हिंदू धर्म में साल में नवरात्रि का पर्व बहुत ही धूमधाम के साथ मनाया जाता है और इस दौरान मां दुर्गा के 9 स्वरूपों का 9 दिनों तक पूजन किया जाता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि नवरात्रि साल में चार नहीं, बल्कि पांच बार आते हैं? जी, हां चार नवरात्रि में मां दुर्गा की अराधना होती है और वहीं पांचवे नवरात्रि भगवान शिव को समर्पित होते हैं. जिन्हें शिव नवरात्रि कहा जाता है और यह पर्व केवल उज्जैन के महाकालेश्वर मं​दिर में ही मनाया जाता है. महाशिवरात्रि से 9 दिन पहले शिव नवरात्रि शुरू होते हैं और इस दौरान 9 दिनों तक महाकाल का अलग-अलग प्रकार से श्रृंगार किया जाता है. आइए जानते हैं कि उज्जैन में मनाए जाने वाले शिव नवरात्रि के बारे में.

उज्जैन में शिव नवरात्रि पर्व

हिंदू धर्म में 12 ज्योतिर्लिंग बताए गए हैं और उज्जैन में महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग 12 में से एक है. जहां महाशिवरात्रि से 9 दिन पहले शिव नवरा​त्रि का पर्व मनाया जाता है. देश भर में केवल उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में ही शिव नवरात्रि मनाई जाती है. 9 दिनों तक चलने वाले इस पर्व में महाकालेश्वर को विभिन्न प्रकार के श्रृंगार से सजाया जाता है और ​महाशिवरात्रि के दिन शिव नवरात्रि का समापन होता है.

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दूल्हे की तरह सजते हैं महाकाल

कहा जाता है कि महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव व माता पार्वती का विवाह हुआ था. उज्जैन में महाशिवरात्रि से 9 दिन पहले शिव नवरात्रि का उत्सव मनाया जाता है. जिस तरह लोग शादी-विवाह से पहले कुछ परंपराएं निभाई जाती है और हल्दी-मेहंदी की रस्म होती है. उसी प्रकार शिव नवरात्रि में भी भगवान महाकाल को चंदन का लेप लगाया जाता है और फिर मेहंदी लगाई जाती है. 9 दिनों तक महाकाल को अलग-अलग प्रकार से श्रृंगार किया जाता है. इसके बाद पूजन व अनुष्ठान होते हैं. बता दें कि इस साल 17 फरवरी को शिव पंचमी के पूजन के साथ ही शिव नवरात्रि की शुरुआत होगी.

पूरी होती है हर मनोकामना

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार 9 दिनों तक शिव नवरात्रि पर्व के दौरान जो भक्त बाबा महाकाल के दर्शन करते हैं उनकी हर मनोकामना पूरी होती है. कुछ भक्त शिव नवरात्रि के दौरान व्रत-उपवास भी रखते हैं और महाशिवरात्रि के पूजन के बाद ही व्रत का पारण किया जाता है.

डिस्क्लेमर: यहां दी गई सभी जानकारियां सामाजिक और धार्मिक आस्थाओं पर आधारित हैं. India.Com इसकी पुष्टि नहीं करता. इसके लिए किसी एक्सपर्ट की सलाह अवश्य लें.

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