हिन्दी पंचांग के अनुसार भारत में हर महीने का एक अलग महत्व है. लेकिन श्रावन यानी सावन के महीने को भगवान शंकर से जोड़कर देखा जाता है. इसलिए इसका महत्व बढ़ जाता है. ये दिन भगवान शिव की अराधना के लिए सबसे खास माने जाते हैं. ऐसी मान्यता है कि इस महीने में भगवान शंकर की पूजा अर्चना करने से या हर सोमवार नियमपूर्वक शिवलिंग पर जल अर्पित करने से हर मनोकामना पूरी होती है और कई लाभ मिलते हैं. जिस काम को पूरा करने की आप लंबे समय से प्रयासरत हैं और वह होते-होते रह जाता है तो सावन के महीने में शिव की अराधना से वह पूरी हो जाती है. Also Read - Sawan 2020: महादेव को भक्तों से है बहुत लगाव, सावन के अंतिम सोमवार पर देश में सुनाई पड़ रहे हर हर महादेव, देखें भस्म आरती की तस्वीरे

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प्रकृति के लिहाज से भी श्रावन मास का खास महत्व है. प्रकृति हरी-भरी रहती है और यह माना जाता है कि इस महीने जो जातक खुद को प्रकृति के करीब महसूस करता है, उसे प्रकृति की देवी से भी आर्शीवाद प्राप्त होता है. Also Read - Sawan Mehendi Designs 2020: इस सावन के महीने में हाथों पर लगाएं मेहंदी के ये खूबसूरत डिजाइन

इस बार सावन का महीना 28 जुलाई से शुरू हो रहा है. हालांकि यह श्रावण मास की तिथि 27 जुलाई को ही लग जाएगी. लेकिन इसे उदया तिथि से ही शुरू माना जाएगा. इसलिए इसकी शुरुआत 28 जुलाई से ही मानी जाएगी. इस बार सावन में चार सोमवार होंगे. पहला सावन का सोमवार 30 जुलाई 2018 को पड़ेगा. कुछ चीजें भगवान शिव को बेहद प्रिय हैं. यहां हम आपको ऐसी 8 चीजों के बारे में बता रहे हैं, जिन्हें सावन के सोमवार के दिन यदि आप घर लाते हैं या स्थापित करते हैं तो निश्चित रूप से शिव की कृपा मिलती है और हर काम का दो गुना फल प्राप्त होता है.

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1. भस्म: पहले सोमवार को या किसी भी सावन के सोमवार को शिव मूर्ति के साथ यदि भस्म रखते हैं तो शिव कृपा मिलेगी.

2. रुद्राक्ष: ऐसी मान्यता है कि रुद्राक्ष की उत्पत्ति भगवान शिव के आंसुओं से हुई थी. इसलिए यदि आप इसे सावन के सोमवार को घर में लाते हैं और घर के मुखिया के कमरे में रखते हैं तो भगवान शिव ना केवल रुके हुए काम को पूरा करते हैं, बल्कि इससे आर्थिक लाभ भी होता है. इससे प्रतिष्ठा में भी वृद्धि होती है.

3. गंगा जल: भगवान शंकर ने गंगा मां को अपनी जटा में स्थान दिया था. इसलिए यदि आप सावन के सोमवार को गंगाजल लाकर घर की किचन में रखते हैं तो घर में सम्पन्नता बढ़ेगी और तरक्की व सफलता मिलती है.

4. चांदी या तांबे का त्रिशूूल: घर के हॉल में चांदी या तांबे का त्रिशूूल स्थापित करके आप घर की सारी नेेगेटिव एनर्जी खत्म कर सकते हैं. इस बार सावन में इसे जरूर लाएं.

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5. चांदी या तांबे का नाग: नाग को भगवान शिव का अभिन्न अंग माना जाता है. घर के मेन गेट के नीचे नाग-नागिन के जोड़े को दबाने से रुके हुए काम पूरे होते हैं.

6. डमरू: घर में डमरू रखने से नेगेटिव एनर्जी का असर नहीं होता. खासतौर से यदि आप इसे बच्चों के कमरे में रखें तो ज्यादा अच्छा होगा. बच्चे किसी भी नकारात्मक ऊर्जा से बचे रहेंगे और उन्हें हर काम में सफलता भी प्राप्त होती है.

7. जल से भरा तांबे का लोटा: घर के जिस हिस्से में परिवार सबसे ज्यादा रहता है, वहां एक तांबे के लोटे में जल भरकर रख दें. इससे घर के लोगों के बीच प्रेम और विश्वास बना रहेगा. ध्यान रखें कि समय-समय पर उस पानी को बदलते रहें. उस पानी को ऐसे ही जाया ना करें, उसे किसी पेड़ या पौधे में डाल दें.

8. चांदी के नंदी: जिस प्रकार घर में चांदी की गाय रखने का महत्व है उसी प्रकार चांदी के नंदी घर में रखने का भी खास महत्व है. अपनी तिजारी या अलमारी में जहां आप पैसे या गहने रखते हैं, वहां चांदी के नंदी रखें. इससे आपको धन लाभ होगा और आपकी आर्थिक सम्पन्नता बढ़ेगी.