नई दिल्ली. सावन के पवित्र महीने का पहला सोमवार आ गया है. महादेव के भक्तों के लिए सावन महीने का पहला सोमवार, खास महत्व का और भक्तों को ऊर्जा देने वाला माना जाता है. देश के विभिन्न राज्यों में स्थित भगवान शंकर के 12 ज्योतिर्लिंगों की इस दिन विशेष आराधना की जाती है. वैसे तो भगवान शंकर के सभी मंदिरों में सावन मास के पहले सोमवार को भक्तों की भीड़ जुटती है, लेकिन झारखंड के देवघर में स्थित मनोकामना महादेव मंदिर में इस अवसर पर पूजा करने को खास मान्यता दी जाती है. देवघर में पूरे सावनभर श्रावणी मेला लगता है. इसमें न सिर्फ बिहार, झारखंड, बंगाल आदि राज्यों के भक्त आते हैं, बल्कि नेपाल और श्रीलंका जैसे पड़ोसी देशों से भी भगवान शंकर के भक्त पूजा करने पहुंचते हैं.

पढ़ें – भगवान शंकर को प्यारा है सावन मास

देवघर में आज सावन का पहला स्नान
झारखंड के देवघर में श्रावणी मेले के दौरान पूरे महीने कांवड़ियों का हुजूम भगवान भोलेनाथ का दर्शन करने पहुंचता है. सावन के पहले सोमवार के दिन देवघर पहुंचने वाले कांवड़िए पूरी आस्था और भक्ति के साथ स्नान के बाद भोलेनाथ का अभिषेक करते हैं. पहले सोमवार को देवघर में स्थित पवित्र कुंड, शिवगंगा तालाब में स्नान करने के लिए हजारों की संख्या में भक्त पहुंचते हैं. माना जाता है कि गंगा स्नान के बाद भगवान शंकर का जलाभिषेक करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं. पुराणों और शास्त्रों में वर्णित माहात्म्य के अनुसार सावन मास के पहले सोमवार को भगवान शंकर की आराधना करने वाले भक्तों की न सिर्फ सभी इच्छाएं पूरी होती हैं, बल्कि भक्तों को जीवन की बाधाओं से भी मुक्ति मिलती है.

सावन के आने से पहले आनंद लीजिए भगवान शंकर के भजन का, देखिए Video

कैसे करें भगवान शंकर की पूजा
वैसे तो सावन का पूरा महीना ही भगवान शंकर को प्रिय है. लेकिन सोमवार का दिन इस पूरे महीने में खास महत्व रखता है. भगवान शंकर की आराधना के लिए कई भक्त सावन मास में पड़ने वाले हर सोमवार को व्रत रखते हैं. सुबह में स्नान-ध्यान के बाद वे भोलेनाथ की पूजा कर शाम को व्रत का उद्यापन करते हैं. वहीं, जो भक्त इस दिन व्रत नहीं रखते, वे भी सुबह-सुबह स्नान के बाद भोलेनाथ के मंदिरों में जल चढ़ाने के लिए पहुंचते हैं. पंडितों के अनुसार, इस दिन स्नान के बाद बेल-पत्र से भगवान शिव की पूजा को विशेष फलदायक माना गया है. शिवपुराण के अनुसार, सावन मास के सोमवार को भगवान शिव की आराधना करने से भक्तों की मनोकामना शीघ्र और अवश्य ही पूरी होती है.

Shravan 2018: सावन में झारखंड के देवघर में करें महादेव की पूजा, यात्रा से पहले जानें ये बातें

Shravan 2018: सावन में झारखंड के देवघर में करें महादेव की पूजा, यात्रा से पहले जानें ये बातें

सोमवार की आराधना के ये हैं लाभ
सावन मास के पहले सोमवार को भगवान शंकर की आराधना करने से न सिर्फ रुके हुए काम पूरे होते हैं, बल्कि भक्तों पर भगवान की विशेष कृपा होती है.
– सावन के पवित्र मास में सोमवार को शिव की पूजा करने वाली युवतियों को मनोवांछित वर प्राप्त होता है. वहीं, युवकों को भी उनकी पसंद की कन्या मिलती है.
– सोमवार के दिन भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा करने वाले भक्तों पर भगवान प्रसन्न होते हैं. कहा गया है कि जिनके विवाह आदि में रुकावट आ रही हो, उन्हें निश्चित रूप से सावन मास के सोमवार का व्रत करना चाहिए.
– जिन भक्तों ने पहले सावन के सोमवार का व्रत नहीं किया है, वे भी सावन मास के पहले सोमवार से इस व्रत की शुरुआत कर सकते हैं.

धर्म और आस्था से संबंधित खबरों के लिए पढ़ें India.com