नई दिल्ली. बरसात का मौसम आते ही सावन का महीना आता है और इसे पावन मास कहा जाता है. इस महीने का यूं तो हर दिन महत्वपूर्ण होता है, लेकिन इस मास में पड़ने वाले त्योहारों और सोमवार का खास महत्व है. सावन महीने में पड़ने वाले सोमवार, सिर्फ भगवान शिव के भक्तों के लिए ही नहीं, बल्कि हिन्दू धर्मावलंबियों के लिए पवित्र माने जाते हैं. इस साल सावन के महीने में 4 सोमवार पड़ने वाले हैं. इन तिथियों में भगवान शंकर की पूजा-अर्चना करना धार्मिक दृष्टि से बहुत फलदायी माना गया है. शास्त्रों में भी सोमवार को भगवान शिव की पूजा-आराधना के लिए विशेष विधियों की व्याख्या की गई है. आइए जानते हैं कि सावन में पड़ने वाले अलग-अलग सोमवार की क्या विशेषताएं हैं. Also Read - Sawan 2020: सावन के आखिरी सोमवार पर भगवान शिव के दर्शन को उमड़े श्रद्धालु, देखें महाकाल की भस्म आरती

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पहला सोमवार – सावन का मास पहला सोमवार हर दृष्टि से श्रद्धालुओं के लिए विशेष फल प्राप्ति वाला होगा. इस साल सावन का पहला सोमवार एक साथ दो शुभ योग लेकर आया है. इस योग में भगवान शिव की पूजा-आराधना करने से श्रद्धालुओं को बाधा से मुक्ति मिलती है और योजनाओं को पूरा करने में सफलता प्राप्त होती है.

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दूसरा सोमवार – सावन मास के दूसरे सोमवार का भी विशेष महत्व है. ज्योतिषीय मतानुसार इस साल सावन मास का दूसरा सोमवार श्रद्धालुओं के लिए विशेष फलदायक बन रहा है. इस दिन भगवान शिव की पूजा-आराधना करने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर स्वास्थ्य और बल का आशीर्वाद प्राप्त होगा.

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तीसरा सोमवार – भगवान शंकर की पूजा-अर्चना करने वालों के लिए सावन मास का तीसरा सोमवार उनके कठिन कार्यों का निष्पादन करने वाला होगा. जानकारों के अनुसार सावन का तीसरा सोमवार साधना और भक्ति के लिए सबसे उत्तम माना गया है. श्रद्धालु इस दिन भगवान शिव के मंत्रों का जाप करके मंत्र सिद्धि प्राप्त कर सकते हैं.

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चौथा सोमवार – सावन मास का चौथा और अंतिम सोमवार श्रद्धालुओं के आर्थिक कष्टों का निवारण करने वाला है. सावन के चौथे सोमवार को भगवान शंकर की आराधना करने से आपको शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी. वहीं, कार्यक्षेत्र और जीवन के दूसरे क्षेत्रों में आने वाली बाधाओं का भी निवारण हो जाएगा.

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