सावन का महीना शिवभक्‍तों के लिए बेहद खास है. इस पूरे महीने भगवान शिव की पूजा का विधान तो है ही, साथ ही लोग द्वादश ज्‍योतिर्लिंगों के दर्शन के लिए भी जाते हैं.

इन्‍हीं में से एक है झारखंड के देवघर में स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम. इस धाम में सावन के महीने में हर रोज करीबन एक लाख श्रद्धालु दर्शनों के लिए पहुंचते हैं.

यह धाम इस बार के श्रावणी मेले को लेकर पूरी तरह तैयार है. वैसे तो यहां सालभर श्रद्धालुओं की भीड़ लगती है, लेकिन सावन के महीने में यहां प्रतिदिन करीब एक लाख शिवभक्त मनोकामना शिवलिंग पर जलार्पण करते हैं. सोमवार को आने वाले शिवभक्तों की संख्या और भी बढ़ जाती है.

देवघर जिला प्रशासन, राज्य सरकार और मंदिर न्यास समिति ने इस साल सावन में यहां आने वाले शिवभक्तों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसे लेकर विशेष तैयारी की है. देवघर जिला प्रशासन का दावा है कि झारखंड राज्य के प्रवेशद्वार दुम्मा से लेकर बाबाधाम में पड़ने वाले पूरे मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं के लिए बेहतर व्यवस्था की गई है. दुम्मा से लेकर बाबा मंदिर की दूरी लगभग 15 किलोमीटर है.

Shravan 2019: सावन में आएंगे ये व्रत-त्‍योहार, आज से ही करें तैयारी, देखें List

देवघर के उपायुक्त (जिलाधिकारी) राहुल कुमार सिन्हा ने बताया कि पूरे मेला क्षेत्र में कड़ी सुरक्षा की व्यवस्था की गई है. उन्होंने बताया कि 17 जुलाई से शुरू होने वाले सावन महीने में अधिक भीड़ जुटने के मद्देनजर बाबा पर जलार्पण के लिए ‘अरघा सिस्टम’ की व्यवस्था रहेगी. अरघा के जरिए ही शिवभक्त जलार्पण करेंगे. इस साल मंदिर परिसर में तीन अरघा लगाए गए हैं.

उन्होंने कहा, “राजकीय श्रावणी मेले के दौरान देवघर आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर से बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के मद्देनजर चौतरफा तैयारियां की जा रही हैं. श्रद्धालुओं के स्वागत को लेकर बैद्यनाथ धाम को बेहतर और आकर्षक लुक देने का काम अंतिम चरण में है. बाबाधाम को आकर्षक विद्युत व्यवस्था के साथ दूधिया रोशनी से नहलाया जा रहा है.”

इस साल मेले के दौरान साफ-सफाई व सौंदर्यीकरण के कार्यो पर विशेष ध्यान केंद्रित किए जाने पर जोर दिया गया है. मेले में सुरक्षा को लेकर भी पुख्ता तैयारी की गई है। देवघर के पुलिस अधीक्षक नरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि ‘क्राउड मैनेजमेंट’ पर विशेष ध्यान दिया गया है.

पुलिस अधीक्षक के मुताबिक, “सुरक्षा व्यवस्था में राज्य पुलिस बल के अलावा केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और त्वरित कार्य बल (रैफ ) के जवानों की तैनाती की गई है. मेला क्षेत्र की निगरानी ड्रोन कैमरे से की जाएगी। रास्ते की निगरानी के लिए 350 स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं.”

पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि लगातर कई साल तक श्रावणी मेले में अनुभवी पदाधिकारियों की विशेष रूप से मदद ली जाएगी. पूरे एक माह तक पुलिस उपाधीक्षक स्तर के 40 पुलिस अधिकाारियों को प्रतिनियुक्त किया गया है. इसके अलावा 120 इंस्पेक्टर और 771 पुलिस अवर निरीक्षक और सहायक अवर निरीक्षक को विधि व्यवस्था की जिमेदारी सौंपी गई है. बड़ी संख्या में पुलिस के जवानों की तैनाती की जा रही है.

श्रावणी मेला के दौरान बड़ी संख्या में महिला श्रद्धालु भी कांवड़ लेकर बाबा भोले की नगरी देवघर पहुंचती हैं. इन महिलाओं की सुरक्षा को लेकर महिला जवानों की प्रतिनियुक्ति की गई है.

उल्लेखनीय है कि देवघर के बैद्यनाथ धाम में वर्ष भर शिवभक्तों की भीड़ लगी रहती है, लेकिन सावन महीने में यह पूरा क्षेत्र केसरिया पहने शिवभक्तों से पट जाता है. भगवान भोलेनाथ के भक्त 105 किलोमीटर दूर बिहार के भागलपुर के सुल्तानगंज में बह रही उत्तर वाहिनी गंगा से जल भर कर कांवड़ लिए पैदल यात्रा करते हुए यहां आते हैं और बाबा का जलाभिषेक करते हैं.
(एजेंसी से इनपुट)