
Renu Yadav
रेनू यादव, India.Com हिंदी में असिस्टेंट न्यूज एडिटर के पद कार्यरत हैं. हिंदी पत्रकारिता में करीब 15 वर्षों के अनुभव के दौरान उन्हें टेक्नोलॉजी, धर्म, लाइफस्टाइल, हेल्थ व अन्य विषयों ... और पढ़ें
Shubh Muhurt 2026: सनातन धर्म में किसी भी नए काम की शुरुआत, सगाई, शादी, मुंडन, गृह प्रवेश जैसे सभी कामों के लिए पहले शुभ मुहूर्त निकाला जाता है. क्योंकि शुभ मुहूर्त में किए गए कार्य को शुभ फल प्राप्त होता है और भगवान की कृपा भी बनी रहती है. शुभ मुहूर्त में शुभ या मांगलिक कार्य करने से घर व जीवन में सुख-समृद्धि आती है और सफलता के भी रास्ते खुलते हैं. ऐसे में कई बार शुभ मुहूर्त न होने की वजह से कार्य को आगे के लिए टाल दिया जाता है. लेकिन हिंदू धर्म में कुछ तिथियां ऐसी होती हैं जिन्हें बहुत ही शुभ माना जाता है और इन तिथियों में शुभ या मांगलिक कार्य करने के लिए मुहूर्त देखने की जरूरत नहीं होती. आइए जानते हैं साल 2026 में कब-कब आएंगी ये शुभ तिथियां?
बसंत पंचमी 2026: साल का सबसे पहला अबूझ मुहूर्त बसंत पंचमी होता है जो कि 23 जनवरी 2026 को आएगा. इस दिन बिना मुहूर्त दिखाए कोई भी शुभ काम जैसे कि सगाई, शादी, गृह प्रवेश, मुंडन या नए काम की शुरुआत की जा सकती है.
फुलेरा दूज 2026: हर साल फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि के दिन फुलेरा दूज का पर्व मनाया जाता है. इसे भी अबूझ मुहूर्त माना जाता है और इस दिन राधा-कृष्ण का पूजन किया जाता है. शुभ कार्यों के लिए फुलेरा दूज बहुत ही शुभ मानी गई है और पंचांग के अनुसार इस साल यह 19 फरवरी 2026 को मनाई जाएगी.
अक्षय तृतीया 2026: सनातन धर्म में अक्षय तृतीय का पर्व बहुत ही खास माना गया है. कहते हैं कि इस सोना-चांदी खरीदना शुभ होता है, साथ ही अक्षय तृतीया के दिन मांगलिक कार्य करने से सभी देवी-देवताओं का भी आशीर्वाद प्राप्त होता है. बता दें कि नए साल में अक्षय तृतीया का पर्व 19 अप्रैल 2026 को मनाया जाएगा.
सीता नवमी 2026: नए साल सीता नवमी 25 अप्रैल 2026 को मनाई जाएगी. कहते हैं वैशाख माह के शुक्ल की नवमी तिथि के दिन माता सीता प्रकट हुई थीं और इसलिए इस दिन सीता नवमी मनाई जाती है. इसे एक अबूझ मुहूर्त माना जाता है और इस दिन शुभ कार्य करने से सफलता मिलती है.
गंगा दशहरा 2026: ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि के दिन गंगा दशहरा मनाया जाता है जो कि पंचांग के अनुसार नए साल में 25 मई 2026 को मनाया जाएगा. इस दिन गंगा में स्नान से सभी पापों मिट जाते हैं और इस दिन कोई भी शुभ या मांगलिक कार्य बिना मुहूर्त देखे किया जा सकता है.
भड़ली नवमी 2026: शादी-विवाह या सगाई के लिए भड़ली नवमी का दिन भी बहुत खास माना गया है. इस दिन बिना कुंडली या मुहूर्त देखे शादी की जा सकती है और सभी देवी-देवताओं का भी आशीर्वाद प्राप्त होता है. बता दें कि नए साल में भड़ली नवमी 22 जुलाई 2026 को मनाई जाएगी.
देवउठनी एकादशी 2026: कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी के दिन देवउठनी एकादशी मनाई जाती है और इस दिन 4 महीने बाद भगवान विष्णु योगनिद्रा से जागते हैं. फिर मांगलिक कार्यों की शुरुआत है. इस दिन शुभ या मांगलिक कार्य करने के लिए शुभ मुहूर्त देखने की जरूरत नहीं होती. नए साल 20 नवंबर 2026 को देवउठनी एकादशी मनाई जाएगी.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई सभी जानकारियां सामाजिक और धार्मिक आस्थाओं पर आधारित हैं. India.Com इसकी पुष्टि नहीं करता. इसके लिए किसी एक्सपर्ट की सलाह अवश्य लें.
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