शुक्रवार का व्रत रखने से दूर होते हैं कई दोष, जानिए इस व्रत को शुरू करने का शुभ समय

सनातन धर्म में शुक्रवार का दिन मां लक्ष्मी व मां संतोषी को समर्पित है. इस दिन व्रत रखने से घर में सुख-समृद्धि आती हैं और दांपत्य जीवन में भी खुशहाली बनी रहती है.

Published date india.com Published: December 4, 2025 2:11 PM IST
शुक्रवार का व्रत रखने से दूर होते हैं कई दोष, जानिए इस व्रत को शुरू करने का शुभ समय

Shukrawar Vrat: हिंदू धर्म में सप्ताह के सातों दिन किसी न किसी देवी-देवता को समर्पित होते है और शुक्रवार के दिन धन की देवी मां लक्ष्मी का पूजन किया जाता है. इस दिन भक्त उपवास भी रखते हैं ताकि मां लक्ष्मी प्रसन्न होकर भक्त व उसके परिवार पर अपनी कृपा बनाए रखें. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जिस घर में मां लक्ष्मी का वास होता है वहां कभी धन-दौलत की कमी नहीं होती और सुख-समृद्धि बनी रहती है. शुक्रवार के दिन व्रत रखना बहुत ही फलदायी माना गया है लेकिन यह पता होना चाहिए कि शुक्रवार व्रत की शुरुआत कब और कैसे करें?

पौराणिक ग्रंथों के अनुसार शुक्रवार व्रत मुख्य रूप से संतोषी मां और धन की देवी मां लक्ष्मी को समर्पित होता है. इस दिन विधि-विधान से पूजा करने और व्रत रखने से जातक के जीवन में चल रहे सभी कष्टों का नाश होता है और माता रानी अपने भक्तों को सभी कष्टों से बचाती हैं. साथ ही उनकी जो भी मनोकामनाएं होती हैं, उन्हें भी पूर्ण करती हैं.

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वहीं, शुक्रवार का व्रत शुक्र ग्रह को मजबूत करने और उससे संबंधित दोषों को दूर करने के लिए भी रखा जाता है. इस व्रत को किसी भी माह के शुक्ल पक्ष के पहले शुक्रवार से शुरू किया जा सकता है. आमतौर पर यह व्रत लगातार 16 शुक्रवार तक रखा जाता है, जिसके बाद उद्यापन किया जाता है.

इस व्रत को करने के लिए ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें. लाल कपड़े पर माता लक्ष्मी की मूर्ति या चित्र स्थापित करें. दीप जलाएं और फूल, चंदन, अक्षत, कुमकुम और मिठाई का भोग लगाएं. ‘श्री सूक्त’ और ‘कनकधारा स्तोत्र’ का पाठ करें. मंत्र जप करें, ‘ऊं श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नमः’ और ‘विष्णुप्रियाय नमः’ का जप भी लाभकारी है.

अगर आप मां संतोषी का व्रत रखते हैं, तो खट्टी चीजों का सेवन न करें. हालांकि, दिन में एक बार मीठे के साथ किसी एक अनाज का सेवन कर सकते हैं, जैसे खीर-पूरी. व्रत के दिन तामसिक भोजन (प्याज, लहसुन, मांस-मदिरा) का सेवन घर के किसी सदस्य को भी नहीं करना चाहिए और साथ ही गरीबों को भोजन, वस्त्र आदि का दान करना चाहिए. माना जाता है कि ऐसा करने से पुण्य की प्राप्ति होती है.

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई सभी जानकारियां सामाजिक और धार्मिक आस्थाओं पर आधारित हैं. India.Com इसकी पुष्टि नहीं करता. इसके लिए किसी एक्सपर्ट की सलाह अवश्य लें.

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